उत्तराखंड

उत्तराखंड की बारिश से यूपी की नदियों का जलस्तर बढ़ा

Ratna Netam
15 Aug 2026 3:48 PM IST
उत्तराखंड की बारिश से यूपी की नदियों का जलस्तर बढ़ा
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पीलीभीत। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर दिखाई देने लगा है। पहाड़ों से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण पीलीभीत जिले में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का पानी किनारे स्थित खेतों में घुसने लगा है और कई स्थानों पर तेज भू-कटान शुरू हो गया है। इससे नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
शारदा नदी की तेज धार लगातार उपजाऊ जमीन को काट रही है। कई किसानों के खेत नदी के मुहाने तक पहुंच गए हैं। खेतों में पानी भरने के कारण वहां पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ा और कटान इसी तरह जारी रहा तो बड़ी मात्रा में कृषि भूमि और खड़ी फसल नदी में समा सकती है।
किसानों को सबसे अधिक चिंता गन्ने की खड़ी फसल को लेकर है। लंबे समय तक मेहनत और बड़ी लागत लगाने के बाद फसल तैयार हुई है, लेकिन अब नदी का पानी और कटान उनकी मेहनत पर पानी फेर सकता है। कई खेतों में पानी पहुंच चुका है, जबकि नदी किनारे स्थित अन्य खेतों पर भी खतरा बना हुआ है। किसानों का कहना है कि समय रहते बचाव कार्य नहीं किया गया तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारियों से संवेदनशील स्थानों का तत्काल निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी किनारे बचाव सामग्री लगाकर कटान को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए। इसके साथ ही जलस्तर और भू-कटान की नियमित निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए, ताकि खतरा बढ़ने पर ग्रामीणों को समय पर सूचना दी जा सके।
उत्तराखंड के पहाड़ों में तेज बारिश होने के बाद शारदा नदी में करीब 1.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बड़ी मात्रा में पानी रिलीज किए जाने से नदी अचानक उफान पर आ गई और जलस्तर तेजी से बढ़ गया। हालांकि अधिकारियों के अनुसार अब जलस्तर में धीरे-धीरे कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन नदी की तेज धार और कटान का खतरा अभी समाप्त नहीं हुआ है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी के तट पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों और मछुआरों से नदी के पास नहीं जाने की अपील की है। तेज बहाव के कारण तट पर जाना खतरनाक हो सकता है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और बच्चों तथा पशुओं को जलधारा से दूर रखने की सलाह दी गई है।
पूरनपुर और कलीनगर तहसील के अंतर्गत आने वाले नदी किनारे के गांवों को अलर्ट किया गया है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जलस्तर बढ़ने या कटान तेज होने की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पूरनपुर और कलीनगर तहसील के उपजिलाधिकारियों को सतर्कता तथा चौकसी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को शारदा नदी के जलस्तर और संवेदनशील स्थानों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है। राजस्व और बाढ़ खंड की टीमों को गांवों से मिलने वाली सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पीलीभीत जिले में लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। छिटपुट बूंदाबांदी को छोड़कर जोरदार वर्षा का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय किसान बारिश के लिए आसमान की ओर देख रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड में हुई बारिश के कारण शारदा नदी में बढ़ा पानी उनके लिए नई मुसीबत बन गया है।
प्रशासन ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन नदी किनारे के गांवों में सतर्कता बरती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल निगरानी के बजाय कटान प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल ठोस बचाव कार्य कराया जाए, जिससे उनकी उपजाऊ भूमि, घर और फसलों को नदी की तेज धार से बचाया जा सके।
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