उत्तराखंड

वायरल गुलदार फोटो AI जनरेटेड? वन विभाग अलर्ट

Saba Naaz
16 July 2026 4:25 PM IST
वायरल गुलदार फोटो AI जनरेटेड? वन विभाग अलर्ट
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देहरादून। इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तीन शावकों के साथ मादा गुलदार की तस्वीर ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर देहरादून के चकराता वन क्षेत्र की है। हालांकि, तस्वीर की वास्तविकता को लेकर संदेह बना हुआ है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वायरल फोटो असली है या फिर इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।

वायरल तस्वीर में रात के समय सड़क किनारे एक मादा गुलदार अपने तीन शावकों के साथ दिखाई दे रही है। फोटो को देखने के बाद कई लोग इसे चकराता क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और वहां मौजूद वन्यजीवों का उदाहरण बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने तस्वीर की गुणवत्ता और उसमें दिखाई दे रहे कुछ संकेतों के आधार पर इसके AI जनरेटेड होने की आशंका जताई है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए चकराता वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) वैभव सिंह ने संबंधित रेंजर को जांच के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल तस्वीर वास्तव में चकराता क्षेत्र की है या फिर इसे किसी अन्य स्थान से जोड़कर प्रसारित किया जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया तस्वीर AI से बनाई गई प्रतीत हो रही है, लेकिन बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसलिए संबंधित क्षेत्र की जानकारी जुटाई जा रही है और फोटो के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

वायरल फोटो को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। कई प्रकृति प्रेमियों ने इसे चकराता के जंगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी का प्रमाण बताया है। चकराता क्षेत्र अपने घने देवदार के जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां समय-समय पर गुलदार सहित कई वन्यजीवों की मौजूदगी सामने आती रहती है।

हालांकि, वन विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि वास्तव में किसी क्षेत्र में मादा गुलदार अपने शावकों के साथ मौजूद है तो वह अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क और आक्रामक हो सकती है। ऐसे में वन्यजीवों के करीब जाना या उनके फोटो और वीडियो बनाने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल या वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। विशेष रूप से रात के समय घरों, होटलों या कैंप से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर टॉर्च का इस्तेमाल करें।

डीएफओ वैभव सिंह के निर्देश पर संभावित क्षेत्र में विशेष रात्रि गश्त भी शुरू कराई गई है। वन विभाग की टीम यह भी जांच कर रही है कि कहीं क्षेत्र में वास्तव में कोई मादा गुलदार अपने शावकों के साथ सक्रिय तो नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आज के दौर में AI तकनीक के जरिए बनाई गई तस्वीरें काफी वास्तविक दिखाई देने लगी हैं। ऐसे में किसी भी वायरल फोटो या वीडियो की पुष्टि किए बिना उसे सच मान लेना सही नहीं है। वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह तस्वीर वास्तविक है या डिजिटल रूप से तैयार की गई है।

फिलहाल देहरादून में वायरल हुई इस गुलदार की तस्वीर को लेकर लोगों में चर्चा जारी है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।

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