उत्तराखंड

हरिद्वार के ग्रामीणों को लगाया 15.10 लाख का चूना, पुलिस ने शुरू की जांच

Saba Naaz
24 July 2026 8:08 PM IST
हरिद्वार के ग्रामीणों को लगाया 15.10 लाख का चूना, पुलिस ने शुरू की जांच
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बहादराबाद (हरिद्वार): उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के बहादराबाद क्षेत्र से साइबर ठगी और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) और बिटकॉइन ट्रेडिंग में भारी-भरकम मुनाफे का लालच देकर पांच भोले-भाले ग्रामीणों से कुल 15.10 लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। इस मामले में पीड़ितों की शिकायत पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक निजी बीमा कंपनी में कार्यरत दो मैनेजरों समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस को दी गई शिकायत में शांतरशाह निवासी सावन कुमार जयंत ने बताया कि उनकी मुलाकात सहारनपुर के धौराला अंबहेटा निवासी विपिन कुमार, कुम्हारहेड़ा निवासी ब्रिजेश, माठकी झरोली निवासी धर्म सिंह और मनोहरपुर के सीजन बैंक्वेट हॉल के पास रहने वाले रजनीश से हुई थी। इनमें से विपिन कुमार और धर्म सिंह 'कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस' में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

आरोपियों ने सावन कुमार को बताया कि लविश चौधरी, तबरेज आलम और अखलाक नामक व्यक्ति 'बोटब्रो' (Botbro) नाम से एक कंपनी चलाते हैं, जिसमें फॉरेक्स और क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार किया जाता है। उन्होंने झांसा दिया कि इस कंपनी में निवेश करने पर बेहद कम समय में शानदार मुनाफा कमाया जा सकता है।

गारंटी का भरोसा देकर फंसाया जाल में

शुरुआत में जब ग्रामीणों ने निवेश करने से इनकार किया, तो इन आरोपियों ने उन्हें और उनके साथियों—संजीव, राजकुमार, सुनील कुमार और तनवीर मलिक—को पूरा भरोसा दिलाया कि वे उनके विश्वास पर पैसे लगाएं, पूरी रकम की जिम्मेदारी और गारंटी उनकी होगी।

आरोपियों के झांसे में आकर सावन कुमार जयंत ने 3 लाख रुपये, संजीव कुमार ने 8.10 लाख रुपये, तनवीर ने 2 लाख रुपये, जबकि राजकुमार और सुनील कुमार ने एक-एक लाख रुपये नकद व ऑनलाइन माध्यम से इन चारों आरोपियों को सौंप दिए। आरोपियों ने ग्रामीणों को लुभावना प्रलोभन देते हुए हर महीने 7 प्रतिशत की दर से लाभांश (रिटर्न) देने का वादा किया था।

महीना बीतने पर टालमटोल और पोर्टल बंद

निवेश करने के एक महीने बाद जब पीड़ितों ने अपना लाभांश मांगा, तो आरोपियों ने कहा कि उनकी रकम सीधे उनके ऑनलाइन बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। ग्रामीण लंबे समय तक इंतजार करते रहे, लेकिन उनके खातों में एक भी रुपया नहीं आया। कुछ समय बाद जब उन्होंने कंपनी की पड़ताल की, तो पता चला कि संबंधित कंपनी का ऑनलाइन पोर्टल भी पूरी तरह बंद कर दिया जा चुका है।

जब पीड़ितों ने आरोपियों के फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया। इसके नाम पर केवल कुछ फर्जी आईडी नंबर और स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप पर भेज दिए गए।

अन्य राज्यों में भी ठगी का खुलासा और धमकियां

पीड़ितों के मुताबिक, बाद में समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि 'बोटब्रो' नामक यह फर्जी कंपनी देश के अन्य राज्यों में भी कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुकी है। जब पीड़ितों ने अपनी मूल रकम वापस मांगने के लिए आरोपियों पर दबाव बनाया, तो वे पुरानी कंपनी को भूल जाने की बात कहने लगे और इसके बदले एक नई कंपनी में दोबारा निवेश करने का अनुचित लालच देने लगे।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बहादराबाद थाने के इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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