Uttarkashi: ग्रामीण आजीविका सशक्त बनाने में आंचल डेरी का योगदान

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जनपद के मातली स्थित आंचल दुग्ध डेरी ग्रामीण पशुपालकों की आजीविका सशक्त बनाने का केंद्र बन गई है। जिले के दूरस्थ गांवों से पशुपालक प्रतिदिन दूध लाकर डेरी में उचित मूल्य पर बेच रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। डेरी प्रबंधक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दी जा रही दूध प्रोत्साहन राशि से पशुपालकों को सीधा लाभ मिल रहा है, इसके अतिरिक्त विभिन्न लाभ दी जा रही है। इससे दुग्ध व्यवसाय को नई दिशा और रफ्तार मिली है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि गांवों में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले। सरकार ने दूध उत्पादों से जीएसटी हटाकर उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत दी है। इससे दीपावली के पर्व पर दूध से बनी मिठाइयाँ आम जनता को पहले की तुलना में सस्ते दामों पर मिलेंगी।
डेरी से जुड़े कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले दूध की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। प्रत्येक खेप की जांच के बाद ही दूध उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। इस पहल से न केवल पशुपालकों को आर्थिक लाभ हो रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित दूध भी उपलब्ध हो रहा है।





