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ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों के लिए खुशखबरी, उत्तराखंड में खुलेंगी 20 नई चोटियां
देहरादून : उत्तराखंड सरकार राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने पर्वतारोहण के लिए 20 नई चोटियों को खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए नई ट्रेकिंग नीति भी जल्द लागू किए जाने की संभावना है। इस पहल का उद्देश्य राज्य को एडवेंचर टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाना, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को नई गति देना है।
राज्य सरकार का मानना है कि उत्तराखंड में विश्वस्तरीय पर्वतारोहण और ट्रेकिंग की अपार संभावनाएं हैं। हिमालय की ऊंची चोटियां, प्राकृतिक घाटियां, ग्लेशियर और जैव विविधता देश-विदेश के साहसिक पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। नई नीति के माध्यम से इन संभावनाओं का बेहतर उपयोग करने की योजना बनाई जा रही है।
20 नई चोटियों को मिलेगा पर्वतारोहण के लिए खोलने का प्रस्ताव
सरकार जिन नई चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोलने की योजना बना रही है, उनके चयन में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन की संभावनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इन चोटियों पर पर्वतारोहण की अनुमति चरणबद्ध तरीके से दी जा सकती है। इससे पर्वतारोहियों को नए मार्गों और नए अभियानों का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई चोटियों के खुलने से उत्तराखंड अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान बना सकेगा।
नई ट्रेकिंग नीति में क्या हो सकता है?
प्रस्तावित ट्रेकिंग नीति में ट्रेक रूटों का वैज्ञानिक प्रबंधन, ऑनलाइन परमिट व्यवस्था, स्थानीय गाइडों का पंजीकरण, सुरक्षा मानकों का पालन, पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
इसके अलावा ट्रेकिंग मार्गों पर बेसिक सुविधाओं का विकास, आपदा प्रबंधन व्यवस्था, रेस्क्यू सिस्टम को मजबूत करने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
सरकार का मानना है कि एडवेंचर टूरिज्म के विस्तार से पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय युवा गाइड, पोर्टर, होमस्टे संचालक, परिवहन सेवाओं और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
विशेष रूप से सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पर्यावरण संरक्षण रहेगा प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई ट्रेकिंग नीति में पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पर्वतीय पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 'कैरीइंग कैपेसिटी' के आधार पर पर्यटकों की संख्या तय की जा सकती है।
साथ ही प्लास्टिक मुक्त ट्रेकिंग, कचरा वापस लाने की व्यवस्था, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकी के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा नया आयाम
उत्तराखंड पहले से ही ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, स्कीइंग और कैंपिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है। नई चोटियों के खुलने और आधुनिक ट्रेकिंग नीति लागू होने के बाद राज्य में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीति लागू की जाती है, तो उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।
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