
गोपेश्वर। उत्तराखंड में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद लापता श्रमिकों की तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू टीमों ने अभियान के दौरान एक और श्रमिक का शव टनल से बाहर निकाल लिया है। शव को जिला चिकित्सालय, गोपेश्वर भेजा गया है, जहां आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
हादसे के बाद से ही प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और राहत-बचाव दल लगातार मौके पर जुटे हुए हैं। टनल में फंसे अन्य श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
दो श्रमिकों की तलाश जारी
रेस्क्यू अभियान में एक और सफलता मिलने के बाद अब भी टनल में दो अन्य श्रमिकों की तलाश जारी है। बचाव दल टनल के अंदर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, टनल के अंदर की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। पानी भरने और मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जवान और विशेषज्ञ लगातार संभावित स्थानों पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
टनल से पानी निकालने का काम तेज
रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के अंदर जमा पानी को बाहर निकालने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए सक्शन पंपों समेत आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि टनल में पानी की मात्रा कम होने से बचाव दलों की आवाजाही आसान होगी और लापता श्रमिकों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
रेस्क्यू टीमों का मुख्य उद्देश्य टनल के उन हिस्सों तक पहुंचना है, जहां लापता श्रमिकों के होने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञ टीमें मौके पर तैनात
हादसे के बाद विभिन्न विशेषज्ञ टीमों को मौके पर लगाया गया है। इनमें आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ और बचाव दल शामिल हैं।
टीमें टनल की संरचना, मलबे की स्थिति और अंदर के हालात का लगातार आकलन कर रही हैं, ताकि सुरक्षित तरीके से अभियान को आगे बढ़ाया जा सके।
13 अगस्त को हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को अचानक दुर्घटना हुई थी। हादसे के बाद कुछ श्रमिक टनल के अंदर फंस गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया था। लगातार प्रयासों के बाद कुछ श्रमिकों को बाहर निकाला गया, जबकि कुछ की तलाश जारी है।
परिजनों में चिंता का माहौल
टनल हादसे के बाद लापता श्रमिकों के परिजनों में चिंता का माहौल है। परिवार लगातार प्रशासन और रेस्क्यू टीमों से अपने लोगों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
प्रशासन की ओर से परिजनों को अभियान की जानकारी दी जा रही है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से पूरे अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति का जायजा ले रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता सभी लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जारी है अभियान
टनल के अंदर अंधेरा, पानी और मलबे की मौजूदगी के कारण बचाव अभियान कठिन बना हुआ है। लेकिन रेस्क्यू टीमों के लगातार प्रयासों से उम्मीद बनी हुई है।
सक्शन पंप, मशीनों और अन्य तकनीकी उपकरणों की सहायता से टनल को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बचाव दल आगे बढ़कर लापता श्रमिकों तक पहुंच सके।
फिलहाल टनल हादसे में लापता दो श्रमिकों की तलाश जारी है। प्रशासन और बचाव दल पूरी ताकत के साथ अभियान में जुटे हैं और जल्द से जल्द सभी श्रमिकों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।





