
Uttarakhand उत्तराखंड : पोखरी-चांदनीखाल मोटर मार्ग पर मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे एक गंभीर सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक ईको वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। यह दुर्घटना चांदनीखाल के पास हुई, जहां वाहन करीब 60 मीटर गहरी खाई में गिरने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में चालक समेत तीन लोग घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह ईको वाहन हापला से पोखरी की ओर जा रहा था। रास्ते में उलकाधार के पास अचानक वाहन पर चालक का नियंत्रण हट गया। वाहन अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे स्थित खड़ी चट्टान से टकराया और फिर सीधे नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना तेज था कि वाहन के खाई में गिरते ही आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़ पड़े।
सूचना मिलने पर पुलिस भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। थानाध्यक्ष Devendra Pant ने बताया कि हादसे के समय वाहन में तीन लोग सवार थे। दुर्घटना में भिकोना निवासी चालक अनुज (26), गुनियाला निवासी विजनेस रावत और चौरा निवासी अक्षय (40) घायल हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों में अक्षय की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य दो घायलों का इलाज चल रहा है। गंभीर घायल को बेहतर उपचार के लिए उच्च केंद्र रेफर किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक राहत कार्य चलता रहा। पुलिस ने वाहन को खाई से निकालने की प्रक्रिया शुरू की और दुर्घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि वाहन अचानक अनियंत्रित हुआ, हालांकि इसके पीछे तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति जैसी अन्य वजहों की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर कई जगह मोड़ और खड़ी ढलानें हैं, जिससे अक्सर छोटे वाहन चालकों को कठिनाई होती है। खासकर बारिश या फिसलन के समय दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरती जाए और गति पर नियंत्रण रखा जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और बेहतर रखरखाव की जरूरत को उजागर करता है, जहां छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।





