उत्तराखंड

उत्तराखंड को मिलेंगे नौवें राज्यपाल, डॉ. ढाल सिंह बिसेन के शपथ ग्रहण की तैयारी

nidhi
17 Oct 2026 9:53 AM IST
उत्तराखंड को मिलेंगे नौवें राज्यपाल, डॉ. ढाल सिंह बिसेन के शपथ ग्रहण की तैयारी
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19 अक्टूबर को शपथ लेंगे डॉ. ढाल सिंह बिसेन
देहरादून: उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन 19 अक्टूबर को पद की शपथ लेंगे। देहरादून स्थित लोक भवन में सोमवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश उन्हें शपथ दिलाएंगे। इसके साथ ही डॉ. बिसेन प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण करेंगे। वह लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सेवानिवृत्त का स्थान लेंगे, जिन्होंने सितंबर 2021 में यह जिम्मेदारी संभाली थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को डॉ. बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उनकी नियुक्ति छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्तियों और बदलावों के साथ घोषित हुई थी। इनमें उत्तराखंड के अलावा कर्नाटक, ओडिशा, सिक्किम, केरलम और तमिलनाडु से संबंधित नियुक्तियां शामिल थीं। नियुक्तियों के प्रभावी होने का संबंध संबंधित पदों का कार्यभार ग्रहण करने से है। अब उत्तराखंड में शपथ ग्रहण के साथ नए राज्यपाल की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से शुरू होगी।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर शासन स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। पहले सामने आई जानकारी में 19 अक्टूबर को कार्यभार ग्रहण करने की संभावना जताई गई थी। अब समारोह का स्थान और सुबह 11 बजे का समय भी सामने आ गया है। डॉ. बिसेन के लिए यह उनके लंबे सार्वजनिक जीवन का नया पड़ाव होगा। विधायक, मंत्री और सांसद की भूमिका निभाने के बाद वह राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालेंगे।
डॉ. बिसेन का संबंध मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से है। उनका जन्म 14 मई 1952 को पिपरिया गांव में हुआ था। मध्य प्रदेश की राजनीति में वह लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं। वर्ष 1990 में पहली बार विधानसभा पहुंचे और इसके बाद 1993, 1998 तथा 2003 में भी विधायक निर्वाचित हुए। इस तरह उन्होंने चार बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। चुनावी राजनीति के साथ उन्हें प्रदेश सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने का अवसर भी मिला।
वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद डॉ. बिसेन को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। उन्होंने 2003 से 2005 तक कैबिनेट मंत्री के रूप में काम किया। इस दौरान वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा और जेल जैसे विभागों की जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में वह राज्य वित्त आयोग से भी जुड़े। वर्ष 2011 से 2013 तक आयोग के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने काम किया। उनके सार्वजनिक जीवन में विधानसभा, सरकार और वित्त आयोग का अनुभव शामिल है।
राष्ट्रीय राजनीति में डॉ. बिसेन ने बालाघाट लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2019 के आम चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनकी जगह भारती पारधी को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी मिली है। उनकी नियुक्ति पर मध्य प्रदेश के नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं।
राजनीति के अलावा डॉ. बिसेन का चिकित्सा और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ाव रहा है। वह आयुर्वेद और होम्योपैथी के चिकित्सक रहे हैं। राज्यपाल नियुक्त होने के बाद सिवनी स्थित उनके निवास पर समर्थकों तथा शुभचिंतकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। सिवनी और बालाघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों से लोगों ने उनसे मिलकर नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने भी मिलने पहुंचे लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
उनके परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, डॉ. बिसेन 18 अक्टूबर को देहरादून के लिए रवाना होंगे। उत्तराखंड सरकार का विशेष विमान उन्हें और उनके परिवार को लेने सिवनी की सुकतरा हवाई पट्टी पहुंचेगा। अगले दिन लोक भवन में शपथ ग्रहण प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के साथ मध्य प्रदेश में लंबे समय तक विभिन्न पदों पर काम कर चुके डॉ. बिसेन की सार्वजनिक भूमिका उत्तराखंड से भी जुड़ जाएगी।
उत्तराखंड में उनसे पहले आठ राज्यपाल जिम्मेदारी निभा चुके हैं। राज्य गठन के समय सुरजीत सिंह बरनाला पहले राज्यपाल बने थे। इसके बाद सुदर्शन अग्रवाल, बनवारी लाल जोशी, मार्गरेट अल्वा, अजीज कुरैशी, कृष्णकांत पॉल, बेबी रानी मौर्य और लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह इस पद पर रहे। अब 19 अक्टूबर को डॉ. ढाल सिंह बिसेन के शपथ ग्रहण के साथ राज्य में नौवें राज्यपाल का कार्यकाल शुरू होगा।
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