उत्तराखंड

Uttarakhand : झीलों पर नजर के लिए लगाए जाएंगे सेंसर

Uma Verma
4 April 2025 12:21 PM IST
Uttarakhand  : झीलों पर नजर के लिए लगाए जाएंगे सेंसर
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उत्तराखंड | उत्तराखंड में जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। राज्य की प्रमुख ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए अब अत्याधुनिक सेंसर लगाए जाएंगे। इसके लिए लगभग 30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर प्राधिकरण को भेजा गया है।

यह कदम विशेष रूप से ग्लेशियर झील फटने (GLOF - Glacial Lake Outburst Flood) जैसी आपदाओं की पूर्व चेतावनी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हाल के वर्षों में उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में जलवायु परिवर्तन के कारण कई बार ऐसी झीलें खतरे की स्थिति में आ चुकी हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA) द्वारा तैयार इस प्रस्ताव में कहा गया है कि ये सेंसर झीलों के जलस्तर, तापमान, दबाव और गति की निगरानी करेंगे। डेटा को रियल टाइम में कंट्रोल रूम तक पहुंचाया जाएगा, जिससे तत्काल अलर्ट और बचाव की योजना लागू की जा सके।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “राज्य के संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में कई ग्लेशियर झीलें हैं, जिनका अचानक फटना बड़ी तबाही ला सकता है। सेंसर लगाने से न सिर्फ खतरे का अंदाजा लगाया जा सकेगा, बल्कि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सकेगा।”

इस परियोजना को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसियों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। योजना के तहत पहले चरण में 10 सबसे संवेदनशील झीलों को चिन्हित कर वहां सेंसर लगाए जाएंगे।

उत्तराखंड सरकार का यह प्रयास राज्य को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बना सकता है।

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