
Uttarakhand उत्तराखंड : मसूरी, जिसे ‘पहाड़ों की रानी’ कहा जाता है, को अपनी कहानियों और लेखन के माध्यम से विश्वभर में विशेष पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक रस्किन बांड मंगलवार को 92 वर्ष के हो गए। इस अवसर पर उनका जन्मदिन बेहद सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया।
जानकारी के अनुसार, इस बार रस्किन बांड ने अपना जन्मदिन दून के डालनवाला स्थित अपने मित्र राहुल जैन के आवास पर परिवार के बीच मनाया। स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते वे मसूरी नहीं पहुंच सके, जिसके कारण उनके प्रशंसकों में हल्की मायूसी देखने को मिली।
रस्किन बांड भारतीय साहित्य जगत के उन चुनिंदा लेखकों में से हैं, जिन्होंने अपनी सरल, संवेदनशील और प्रकृति से जुड़ी कहानियों के माध्यम से पाठकों के दिलों में खास जगह बनाई है। उनकी रचनाओं में हिमालय की वादियाँ, छोटे शहरों का जीवन और मानवीय भावनाओं की गहराई प्रमुख रूप से दिखाई देती है।
जन्मदिन के अवसर पर परिवार के सदस्यों और करीबी मित्रों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। माहौल पूरी तरह निजी और शांत रहा, जिसमें किसी बड़े आयोजन या सार्वजनिक कार्यक्रम की बजाय पारिवारिक गर्मजोशी को प्राथमिकता दी गई।
रस्किन बांड की तबीयत को देखते हुए इस बार उनका मसूरी न पहुंच पाना उनके चाहने वालों के लिए भावनात्मक क्षण रहा। मसूरी में उनके प्रशंसक हर वर्ष उनके जन्मदिन को लेकर उत्साहित रहते हैं और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, लेकिन इस बार यह उत्सव सीमित रहा।
साहित्य जगत में रस्किन बांड का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने बच्चों और युवाओं के लिए कई प्रसिद्ध कहानियां और उपन्यास लिखे हैं, जो आज भी लोकप्रिय हैं। उनकी लेखनी ने भारतीय अंग्रेजी साहित्य को एक अलग पहचान दी है।
कुल मिलाकर, 92वें जन्मदिन पर भी रस्किन बांड की सादगी और साहित्यिक विरासत ने एक बार फिर यह साबित किया कि वे सिर्फ लेखक नहीं, बल्कि भावनाओं और प्रकृति को जोड़ने वाली एक जीवंत परंपरा हैं।





