उत्तराखंड

उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव: धामी की मौजूदगी में आर्य का नामांकन

Kavita2
6 Oct 2026 1:23 PM IST
उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव: धामी की मौजूदगी में आर्य का नामांकन
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देहरादून। उत्तराखंड से राज्यसभा की रिक्त होने जा रही सीट के चुनाव को लेकर मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दिनेश आर्य ने अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।

दिनेश आर्य के नामांकन के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भाजपा ने इस चुनाव में संगठन से लंबे समय से जुड़े एक कार्यकर्ता को मैदान में उतारकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी नामांकन के बाद इसी बात पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भाजपा ने एक सामान्य कार्यकर्ता को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा हर वर्ग का ख्याल रखती है और इस बार राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में भी यही सोच दिखाई दी है। धामी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की परंपरा भाजपा की पहचान है और दिनेश आर्य का चयन उसी परंपरा का हिस्सा है।

भाजपा नेतृत्व ने दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाकर यह संकेत देने की कोशिश की है कि संगठन में लंबे समय तक काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी बड़े संवैधानिक और राजनीतिक दायित्वों के लिए आगे लाया जा सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस नामांकन को और महत्वपूर्ण बना दिया।

नामांकन के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत भी मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कई मंत्री-विधायक भी प्रक्रिया में शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने दिनेश आर्य को शुभकामनाएं दीं और उनके चयन को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया।

राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार चयन को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक चर्चाएं तेज थीं। कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन भाजपा ने अंततः दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगाई। उनके नाम की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर इसे संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले कार्यकर्ता को महत्व देने के रूप में देखा गया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भाजपा केवल बड़े राजनीतिक चेहरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण हैं और यही कारण है कि संगठन में सक्रिय रहने वाले लोगों को समय-समय पर बड़ी जिम्मेदारियां दी जाती हैं।

दिनेश आर्य के नामांकन के साथ ही राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में भाजपा की ओर से औपचारिकता पूरी हो गई है। अब चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर रहेगी। यदि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में उतरता है तो मतदान की स्थिति बन सकती है, जबकि एक ही वैध उम्मीदवार रहने की स्थिति में परिणाम निर्विरोध भी हो सकता है।

उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति को देखते हुए पार्टी प्रत्याशी का पलड़ा भारी माना जा रहा है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी।

राज्यसभा की सीटें राज्यों की विधानसभाओं में दलों की संख्या के आधार पर तय होती हैं। ऐसे में विधानसभा में मजबूत बहुमत वाली पार्टी को अपने उम्मीदवार को जिताने में बढ़त रहती है। उत्तराखंड में भाजपा की स्थिति मजबूत होने के कारण दिनेश आर्य की उम्मीदवारी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा इस चुनाव को केवल एक सीट के चुनाव के तौर पर नहीं, बल्कि संगठनात्मक संदेश देने के अवसर के रूप में भी देख रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने वाला है।

दिनेश आर्य की राजनीतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा रही है। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें ऐसा कार्यकर्ता बताया है, जो लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं। इसी कारण उनके चयन को पार्टी के कार्यकर्ता आधारित ढांचे से जोड़कर देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भाजपा में सामान्य कार्यकर्ता भी बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है। उन्होंने इसे पार्टी के लोकतांत्रिक और संगठनात्मक चरित्र से जोड़ा। उनका कहना था कि हर वर्ग और हर स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश भाजपा लगातार करती रही है।

नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पार्टी इस चुनाव को एकजुट होकर लड़ रही है। मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रियों की मौजूदगी ने संगठनात्मक एकता का भी प्रदर्शन किया।

राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व राज्य की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में भाजपा ने अपने उम्मीदवार के रूप में ऐसे चेहरे को आगे किया है, जिसे पार्टी जमीनी संगठन से जुड़ा हुआ बता रही है।

आने वाले दिनों में नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद यह साफ हो जाएगा कि चुनाव मुकाबले में होगा या भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध राज्यसभा पहुंचेंगे।

फिलहाल दिनेश आर्य के नामांकन के बाद भाजपा खेमे में उत्साह है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके चयन को सामान्य कार्यकर्ता के सम्मान से जोड़ा है, जबकि पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इसे संगठन की नीति के अनुरूप फैसला बताया है।

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