उत्तराखंड

Uttarakhand : बारिश का कहर जारी, 120 सड़कें बंद

Kavita2
13 July 2026 9:55 AM IST
Uttarakhand : बारिश का कहर जारी, 120 सड़कें बंद
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Uttarakhand उत्तराखंड : लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के कारण राज्यभर में सड़कों के बंद होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया है। वर्तमान में प्रदेश की करीब 120 सड़कें बंद हैं, जिससे आम लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।

मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने देहरादून समेत छह जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई सड़कों पर पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें बंद सड़कों को खोलने के काम में जुटी हुई हैं।

इसी बीच लखवाड़ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना का निर्माणाधीन हिस्सा भरभराकर गिर गया। यह हिस्सा दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर गिरा, जिससे कुछ समय के लिए मार्ग प्रभावित हुआ। घटना के बाद मौके पर पहुंची टीमों ने स्थिति का जायजा लिया और सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया।

लखवाड़ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

उत्तराखंड में मानसून के दौरान हर साल पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क बंद होने की समस्या सामने आती है। भारी बारिश के कारण कमजोर पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इससे चारधाम यात्रा मार्गों समेत कई महत्वपूर्ण सड़कों पर यातायात प्रभावित होता है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े विभागों को मशीनरी और कर्मचारियों के साथ तैयार रहने को कहा गया है, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।

प्रशासन की ओर से यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी जिलों में देखने को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, कई जगहों पर पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान सड़क बंद होने की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।

फिलहाल राज्यभर में बंद सड़कों को खोलने का अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता यातायात व्यवस्था को जल्द सामान्य करना और लोगों को सुरक्षित आवाजाही उपलब्ध कराना है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रशासन और लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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