उत्तराखंड

Uttarakhand : बारिश का कहर जारी, देहरादून-मसूरी मार्ग रात में बंद, 51 सड़कें प्रभावित

Kavita2
24 July 2026 9:37 AM IST
Uttarakhand : बारिश का कहर जारी, देहरादून-मसूरी मार्ग रात में बंद, 51 सड़कें प्रभावित
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देहरादून : उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। देहरादून से मसूरी जाने वाले प्रमुख मार्ग को सुरक्षा कारणों से अगले आदेश तक रात के समय बंद रखने का फैसला लिया गया है। वहीं, प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश के कारण 51 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।

प्रशासन के अनुसार, देहरादून-मसूरी मार्ग पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दिन के समय स्थिति और मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करने के बाद ही यातायात संचालन की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक मलबा गिरने और सड़क धंसने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।

मसूरी उत्तराखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल है और रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति और सड़क खुलने की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

राज्य के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों की मशीनरी बंद मार्गों को खोलने में जुटी हुई है। हालांकि लगातार बारिश के कारण राहत और बहाली कार्यों में भी कठिनाइयां आ रही हैं। कई जगहों पर पहाड़ी से मलबा गिरने के बाद सड़क साफ करने में समय लग रहा है।

मौसम विभाग ने प्रदेश में आज भी भारी बारिश की संभावना जताई है। देहरादून समेत राज्य के छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ समय तक मानसून सक्रिय रहने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। इसके चलते संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टान खिसकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

मैदानी इलाकों के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली चमकने के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारी बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

चारधाम यात्रा मार्गों पर भी प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। यात्रा मार्गों पर तैनात कर्मचारियों को भूस्खलन वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस और बचाव दलों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए ही आगे की व्यवस्था की जाएगी।

बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। कई गांवों में संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य आपूर्ति और जरूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में मानसून के दौरान भूस्खलन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। पहाड़ों की भौगोलिक स्थिति, लगातार बारिश और निर्माण गतिविधियों के कारण कई क्षेत्र संवेदनशील हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों को गंभीरता से लेना चाहिए।

फिलहाल राज्य में मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। वहीं, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

उत्तराखंड में बारिश का दौर अभी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम लगातार उठाए जाएंगे।

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