उत्तराखंड

Uttarakhand : ग्रामीण बैंक में 54 लाख गबन मामले में पूर्व कैशियर गिरफ्तार

Kavita2
3 July 2026 5:31 PM IST
Uttarakhand : ग्रामीण बैंक में 54 लाख गबन मामले में पूर्व कैशियर गिरफ्तार
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Uttarakhand उत्तराखंड : ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा में खाताधारकों के करीब 54 लाख रुपये के गबन मामले में थाना छाम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तत्कालीन बैंक कैशियर को देहरादून से हिरासत में लिया और बाद में न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

यह मामला बीते 30 जून को सामने आ या था, जब उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, शाखा कमांद के शाखा प्रबंधक अमित कुमार ने थाना छाम में ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बैंक शाखा में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई है और खाताधारकों के खातों से अवैध तरीके से धन निकाला गया है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच और बैंक की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में यह सामने आया कि शाखा में करीब 54 लाख रुपये का गबन हुआ है। जांच समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।

जांच में पाया गया कि तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए खाताधारकों के खातों से फर्जी तरीके से पैसे निकाले। आरोप है कि उसने कई ग्राहकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षर और नकली निकासी वाउचरों का उपयोग कर अवैध रूप से धनराशि निकाली। इस तरह लंबे समय तक यह गबन चलता रहा और बैंक प्रबंधन को इसकी भनक देर से लगी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बैंक प्रणाली और अपने पद का दुरुपयोग कर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया। मामले के उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने तत्काल आंतरिक जांच शुरू की और इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

थाना छाम पुलिस ने तकनीकी जांच और सुरागों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार निगरानी और जांच के बाद पुलिस ने देहरादून से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गबन की यह प्रक्रिया कब से चल रही थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी निकासी वाउचरों और हस्ताक्षरों का उपयोग कितने खातों में किया गया।

बैंक प्रबंधन ने इस घटना को गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए कहा है कि खाताधारकों के हितों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही बैंक की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की बात भी कही गई है।

स्थानीय लोगों और खाताधारकों में इस घटना के बाद चिंता का माहौल है। कई ग्राहकों ने मांग की है कि उनकी जमा राशि की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग सिस्टम में इस तरह की घटनाएं वित्तीय निगरानी और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली की कमजोरी को दर्शाती हैं। ऐसे मामलों में समय पर ऑडिट और सख्त निगरानी अत्यंत आवश्यक होती है।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गबन की राशि का उपयोग कहां किया गया और क्या इसमें कोई नेटवर्क शामिल है।

इस प्रकार, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा में हुए 54 लाख रुपये के गबन मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ जांच ने एक महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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