उत्तराखंड

Uttarakhand : नकली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा, गंभीर बीमारियों की दवाएं भी शामिल

Kavita2
23 May 2026 2:35 PM IST
Uttarakhand : नकली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा, गंभीर बीमारियों की दवाएं भी शामिल
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Uttarakhand उत्तराखंड : देवभूमि उत्तराखंड, जो कभी आयुर्वेद, जड़ी-बूटियों और स्वास्थ्य पर्यटन के लिए जाना जाता था, अब नकली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क को लेकर चर्चा में है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार राज्य में ऐसा नेटवर्क सक्रिय है जो गंभीर बीमारियों की नकली दवाओं का निर्माण कर उन्हें देशभर में सप्लाई कर रहा है।

जानकारी के मुताबिक कैंसर, ब्लड प्रेशर, संक्रमण, गठिया और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की हूबहू नकल तैयार की जा रही है। इन दवाओं की पैकिंग और ब्रांडिंग इतनी समान होती है कि आम उपभोक्ता आसानी से असली और नकली में फर्क नहीं कर पाता।

अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है और अलग-अलग इलाकों में फैला हुआ है। इन दवाओं को तैयार कर बाजार में सप्लाई करने का तरीका भी संगठित बताया जा रहा है, जिससे यह मामला और गंभीर हो जाता है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस पूरे रैकेट का खुलासा बार-बार राज्य के स्वास्थ्य विभाग या ड्रग विभाग की बजाय स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और पुलिस द्वारा किया जा रहा है। इससे सरकारी निगरानी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों तक भी फैले होने की आशंका जताई जा रही है। नकली दवाओं की सप्लाई देश के कई हिस्सों में की जा रही है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नकली दवाओं का यह कारोबार न केवल मरीजों की जान के लिए खतरा है, बल्कि इससे स्वास्थ्य प्रणाली पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। गलत या घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के सेवन से मरीजों की स्थिति और बिगड़ने की आशंका रहती है।

फिलहाल पुलिस और STF इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और कई जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस रैकेट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्य प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ाने की बात कही है। साथ ही दवा वितरण प्रणाली को और मजबूत करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में सामने आया यह नकली दवा नेटवर्क न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बनकर उभरा है, जिसकी जांच अब तेज कर दी गई है।

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