
Uttarakhand उत्तराखंड : बागेश्वर निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग की शहर के एक निजी अस्पताल में हृदय की नसों में स्टंट डालने की प्रक्रिया के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए गहरा आक्रोश जताया।
जानकारी के अनुसार, बागेश्वर निवासी प्रेम गिरी को सीने में दर्द की शिकायत के बाद पहले जिला अस्पताल बागेश्वर ले जाया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए रेफर किया गया।
अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार, मरीज को बुधवार सुबह रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। जांच में सामने आया कि उनके हृदय की तीन प्रमुख धमनियों में गंभीर अवरोध पाया गया, जिसे मेडिकल भाषा में ट्रिपल वेसल डिजीज कहा जाता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल एंजियोग्राफी और स्टंट डालने की प्रक्रिया करने का निर्णय लिया। इसी प्रक्रिया के दौरान मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
ट्रिपल वेसल डिजीज एक गंभीर हृदय रोग माना जाता है, जिसमें हृदय तक रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है और कई मामलों में तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है।
मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि समय पर सही देखभाल और सावधानी नहीं बरती गई, जिससे मरीज की जान चली गई।
अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई, लेकिन परिजनों का विरोध बढ़ता गया। बाद में पुलिस को मौके पर बुलाया गया, जिसने स्थिति को शांत कराया।
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और अस्पताल प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है। चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान हुई इस मौत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





