उत्तराखंड

Uttarakhand : देवभूमि योजना से छात्रा को मिला उद्यम का रास्ता

Kavita2
17 Jun 2026 3:31 PM IST
Uttarakhand : देवभूमि योजना से छात्रा को मिला उद्यम का रास्ता
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Uttarakhand उत्तराखंड : पिथौरागढ़ स्थित लक्ष्मण सिंह महार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की बीबीए छात्रा मानसी कापड़ी ने अपनी कला को केवल शौक तक सीमित न रखते हुए उसे एक सफल उद्यम में बदलने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है। उनकी यह यात्रा युवा उद्यमिता और नवाचार का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

मानसी कापड़ी की उद्यमिता की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई, जब उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ के अंतर्गत आयोजित द्विदिवसीय बूटकैंप में भाग लिया। इस कार्यक्रम ने उन्हें अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने की दिशा में प्रेरित किया।

देवभूमि उद्यमिता योजना वर्ष 2023 से राज्य के 119 राजकीय महाविद्यालयों और 5 विश्वविद्यालयों में संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य कॉलेज परिसरों को नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल और स्टार्टअप संस्कृति से भी जोड़ा जा सके।

बूटकैंप के दौरान मानसी कापड़ी को विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा उद्यमिता, व्यवसायिक योजना निर्माण, मार्केटिंग और नवाचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और उन्होंने अपनी कलात्मक प्रतिभा को व्यवसायिक स्वरूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया।

मानसी का मानना है कि युवाओं के पास रचनात्मक विचारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे अपने विचारों को सफल व्यवसाय में बदल सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने कला कौशल को एक छोटे उद्यम के रूप में विकसित करना शुरू किया।

देवभूमि उद्यमिता योजना के माध्यम से उन्हें न केवल तकनीकी मार्गदर्शन मिला, बल्कि स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया, वित्तीय योजना और बाजार की समझ भी विकसित हुई। इस पहल ने उनके उद्यमी बनने के सपने को एक मजबूत आधार दिया।

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ऐसे प्रयास अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इससे कॉलेज परिसर में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है।

इस योजना के तहत राज्यभर के महाविद्यालयों में छात्रों को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे नौकरी खोजने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बन सकें।

मानसी कापड़ी की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्र भी बड़े स्तर पर उद्यमिता की दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं।

फिलहाल मानसी अपने उद्यम को आगे बढ़ाने और उसे और अधिक व्यापक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं, जिससे अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिल रही है।

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