उत्तराखंड

Uttarakhand : गले में सिक्का फंसा, 12 घंटे बाद बचाव

Kavita2
1 July 2026 10:51 AM IST
Uttarakhand : गले में सिक्का फंसा, 12 घंटे बाद बचाव
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Uttarakhand उत्तराखंड : हल्द्वानी में एक सात वर्षीय बच्चे करण सिंह की जान डॉक्टरों की तत्परता से बचा ली गई। बच्चे के गले में सिक्का फंस जाने के बाद वह करीब 12 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। इस दौरान परिजन उसे एक के बाद एक तीन अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण तत्काल इलाज नहीं मिल सका।

घटना अल्मोड़ा जिले के एक गांव की बताई जा रही है। बताया गया कि खेलते समय करण के गले में सिक्का फंस गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में कठिनाई होने लगी। परिजन घबराकर उसे नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उचित सुविधा न मिलने के कारण उसे आगे रेफर कर दिया गया।

इसके बाद बच्चे को दो अन्य अस्पतालों में भी ले जाया गया, लेकिन हर जगह उसकी स्थिति गंभीर बनी रही। अंततः परिजन उसे हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने त्वरित ऑपरेशन कर बच्चे के गले से सिक्का सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद बच्चे की जान बच गई और उसकी स्थिति में सुधार देखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि यदि थोड़ी और देर होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

इस घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर प्राथमिक इलाज और आपातकालीन सुविधाओं की कमी के कारण परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बताया जा रहा है कि यह वही क्षेत्र है जहां अक्टूबर 2025 में ग्रामीणों ने डॉक्टर की तैनाती की मांग को लेकर आंदोलन किया था। इसके बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी अभी भी बनी हुई है, जिससे लोगों को आपात स्थिति में दूर के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या आपातकालीन सुविधा बेहतर होती, तो बच्चे को तुरंत इलाज मिल सकता था और उसे कई अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

डॉक्टरों ने अपील की है कि छोटे बच्चों के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही न की जाए और तुरंत नजदीकी सक्षम अस्पताल में पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि गले में फंसी वस्तुएं गंभीर स्थिति पैदा कर सकती हैं और समय पर इलाज जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस घटना के बाद प्रशासन से भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

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