
देहरादून। डीबीएस पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के बाद गुरुवार को माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। एनएसयूआई की जीत के बाद शुरू हुआ जश्न पहले छात्राओं के बीच विवाद में बदला और इसके बाद छात्रों के बीच मारपीट हो गई। देर रात मामले ने और गंभीर रूप ले लिया, जब दो छात्रों के अपहरण का आरोप लगाया गया। एक ही दिन में कई घटनाओं के सामने आने से कॉलेज परिसर और आसपास के इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।
जानकारी के अनुसार छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई की जीत के बाद समर्थक कॉलेज परिसर में खुशी मना रहे थे। इसी दौरान मिठाई बांटने को लेकर कुछ छात्राओं के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मौके पर मौजूद अन्य छात्राओं और छात्रों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन माहौल कुछ समय तक गरम बना रहा।
शुरुआती विवाद के बाद मामला शांत होता दिखाई दिया, लेकिन थोड़ी देर बाद छात्रों के दो गुटों के बीच फिर तनातनी शुरू हो गई। आरोप है कि बात बढ़ने पर छात्रों में मारपीट हुई। कॉलेज परिसर में अचानक हुई इस घटना से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र इधर-उधर भागते नजर आए और समर्थकों के बीच नारेबाजी व बहस भी हुई।
छात्रसंघ चुनाव के बाद आमतौर पर समर्थकों में उत्साह रहता है, लेकिन इस बार जश्न के बीच हुआ विवाद दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। घटना के बाद अलग-अलग छात्र संगठनों के समर्थकों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। कुछ छात्रों का कहना था कि मामूली बात को जानबूझकर बढ़ाया गया, जबकि दूसरे पक्ष ने मारपीट को गंभीर घटना बताया।
दिन के समय हुई मारपीट के बाद देर रात मामला और उलझ गया। आरोप लगाया गया कि दो छात्रों का अपहरण कर लिया गया। इस आरोप के सामने आते ही मामले ने गंभीर रूप ले लिया। छात्रों के साथ-साथ उनके परिचित और समर्थक भी सक्रिय हो गए और घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटाने की कोशिश शुरू हुई।
दो छात्रों के अपहरण के आरोप ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। यह पता लगाने की कोशिश की जाने लगी कि दोनों छात्र कहां गए, किसके साथ गए और उन्हें जबरन ले जाने का आरोप किन लोगों पर है। देर रात तक इस घटना को लेकर चर्चाएं जारी रहीं।
कॉलेज में चुनाव परिणाम के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए छात्र संगठनों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। चुनाव जीतने वाले पक्ष के समर्थकों ने जश्न में बाधा डालने का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने मारपीट और दबाव बनाने की बात कही। पूरे घटनाक्रम को लेकर कॉलेज के सामान्य छात्रों में भी चिंता दिखाई दी।
घटना की शुरुआत मिठाई बांटने को लेकर हुई बताई जा रही है। जीत के बाद समर्थक एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे और मिठाई बांटी जा रही थी। इसी दौरान छात्राओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। यह बहस आगे चलकर बड़े बवाल की वजह बन गई।
छात्राओं के बीच हुई कहासुनी के बाद छात्रों के बीच हुई मारपीट ने कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। चुनाव के बाद माहौल पहले से ही संवेदनशील था, ऐसे में छोटी बात पर विवाद बढ़ना चिंता का विषय माना जा रहा है। छात्रसंघ चुनाव में अलग-अलग संगठनों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण समर्थकों के बीच तनाव पहले से मौजूद था।
देर रात दो छात्रों के अपहरण का आरोप लगने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि इस आरोप को लेकर संबंधित पक्षों ने कार्रवाई की मांग की। हालांकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कॉलेज परिसर में दिनभर हुई घटनाओं के बाद छात्रों के बीच डर और असमंजस का माहौल भी बना रहा। कई छात्र ऐसे थे, जो चुनावी विवाद से दूर रहना चाहते थे, लेकिन मारपीट और अपहरण के आरोपों के कारण पूरे परिसर में चर्चा इसी मुद्दे को लेकर होती रही।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि मिठाई बांटने जैसी मामूली बात इतनी बड़ी झड़प में कैसे बदल गई। इसके अलावा देर रात लगाए गए अपहरण के आरोपों की सच्चाई क्या है, यह भी जांच का विषय है। दोनों छात्रों के साथ क्या हुआ और विवाद से उनका क्या संबंध था, इसकी पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
छात्रसंघ चुनाव के बाद कॉलेज में शांति बनाए रखना प्रशासन और छात्र संगठनों दोनों के लिए चुनौती बन गया है। चुनावी परिणाम के बाद समर्थकों के बीच जश्न और नाराजगी दोनों देखने को मिलती है, लेकिन यदि विवाद हिंसा में बदल जाए तो इसका असर पूरे शैक्षणिक माहौल पर पड़ता है।
गुरुवार को हुए घटनाक्रम के बाद कॉलेज में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर छात्रों की नजर रहेगी।
फिलहाल डीबीएस पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के बाद शुरू हुआ विवाद केवल मिठाई बांटने तक सीमित नहीं रहा। छात्राओं की भिड़ंत, छात्रों की मारपीट और फिर दो छात्रों के अपहरण के आरोप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि देर रात लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था।





