उत्तराखंड

बदरीनाथ तप्त कुंड में स्नान के दौरान दो सगी बहनों की मौत भागवत कथा सुनने पहुंची थीं धाम

Kavita2
11 Sept 2026 9:36 AM IST
बदरीनाथ तप्त कुंड में स्नान के दौरान दो सगी बहनों की मौत भागवत कथा सुनने पहुंची थीं धाम
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चमोली। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में शुक्रवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई। यहां स्थित पवित्र तप्त कुंड में स्नान करने के दौरान राजस्थान की रहने वाली दो महिला श्रद्धालु अचानक बेहोश हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों महिलाओं को संभालने का प्रयास किया और तत्काल सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। दोनों महिलाएं आपस में सगी बहनें थीं और भागवत कथा सुनने के लिए चार सितंबर को बदरीनाथ धाम पहुंची थीं।

जानकारी के अनुसार दोनों महिला श्रद्धालु शुक्रवार सुबह दर्शन से पहले तप्त कुंड में स्नान करने पहुंची थीं। बदरीनाथ मंदिर के पास स्थित तप्त कुंड में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करते हैं। दोनों महिलाएं भी धार्मिक आस्था के साथ कुंड में उतरी थीं। स्नान के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं।

महिलाओं को अचेत देखकर आसपास मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत उन्हें कुंड से बाहर निकालने और होश में लाने का प्रयास किया। घटना की सूचना मंदिर क्षेत्र में मौजूद कर्मचारियों तथा संबंधित अधिकारियों को दी गई। दोनों महिलाओं को जांच और उपचार के लिए चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।

महिला श्रद्धालुओं की पहचान राजस्थान निवासी दो बहनों के रूप में हुई है। उनके नाम और निवास स्थान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों चार सितंबर को बदरीनाथ धाम पहुंची थीं और वहां आयोजित भागवत कथा में शामिल होकर धार्मिक लाभ प्राप्त करना चाहती थीं। कई दिनों से वे धाम में रह रही थीं। शुक्रवार सुबह उनका कार्यक्रम तप्त कुंड में स्नान करने के बाद भगवान बदरी विशाल के दर्शन करने का था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।

दोनों बहनों की एक साथ मौत से उनके साथ आए श्रद्धालु और परिचित सदमे में हैं। घटना की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। परिवार के लोग बदरीनाथ पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। धार्मिक यात्रा पर गईं दोनों महिलाओं की अचानक मौत की खबर से राजस्थान स्थित उनके परिवार और परिचितों में शोक की लहर है।

प्रशासन और पुलिस ने घटना से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। दोनों महिलाओं की मौत का सही कारण चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्नान के दौरान उनकी तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी और क्या उन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या थी, इसका पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने फिलहाल मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।

तप्त कुंड बदरीनाथ धाम के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन से पहले इसमें स्नान करना पुण्यदायी मानते हैं। कुंड का पानी प्राकृतिक रूप से गर्म रहता है। धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु सुबह से ही यहां स्नान करने के लिए कतार में लगते हैं। अधिक ऊंचाई और ठंडे वातावरण के बीच गर्म पानी में स्नान करने के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतना आवश्यक माना जाता है।

बदरीनाथ धाम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है। मैदानी इलाकों से आने वाले कई श्रद्धालुओं को वहां के मौसम और कम तापमान के अनुसार खुद को ढालने में समय लग सकता है। यात्रा के दौरान सांस फूलना, चक्कर आना या कमजोरी महसूस होने पर तत्काल आराम करना और चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

इस घटना के बाद तप्त कुंड के आसपास मौजूद श्रद्धालुओं को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया। यदि किसी श्रद्धालु को स्नान से पहले या उसके दौरान चक्कर, घबराहट, सांस लेने में परेशानी अथवा कमजोरी महसूस हो तो उसे तुरंत कुंड से बाहर आ जाना चाहिए। अकेले स्नान करने से बचना और अपने समूह के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के बारे में पहले से बताना भी मददगार हो सकता है।

बदरीनाथ धाम में इन दिनों बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। मंदिर दर्शन के साथ श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और कथाओं में हिस्सा लेते हैं। भीड़ बढ़ने पर स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। मंदिर क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों, पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।

दो महिला श्रद्धालुओं की मौत ने यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को लेकर फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन से तप्त कुंड के पास चिकित्सा सहायता और आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा करने की अपेक्षा की जा रही है। कुंड के आसपास चेतावनी बोर्ड, प्रशिक्षित कर्मचारी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

फिलहाल दोनों महिलाओं के शवों को आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम अथवा चिकित्सकीय जांच की रिपोर्ट मिलने पर ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रशासन घटना के समय मौजूद लोगों से भी जानकारी ले रहा है।

भागवत कथा सुनने के लिए बदरीनाथ पहुंचीं दोनों बहनों की यात्रा इस तरह समाप्त होने से धाम में शोक का माहौल है। श्रद्धालुओं ने घटना पर दुख जताते हुए मृत महिलाओं के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। दोनों बहनों ने चार सितंबर को धार्मिक भावना के साथ यात्रा शुरू की थी, लेकिन शुक्रवार सुबह तप्त कुंड में स्नान के दौरान हुई अनहोनी ने उनके परिवार को गहरा सदमा दे दिया।

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