उत्तराखंड

देहरादून में तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का शुभारंभ

SHIDDHANT
28 Nov 2025 8:32 PM IST
देहरादून में तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का शुभारंभ
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Uttarakhand उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। सीएम ने अपने उद्घाटन भाषण में विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस कार्यक्रम में शिरकत की। सीएम धामी ने कहा कि 28 नवंबर का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सम्मेलन में विश्वभर से 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना और उनका प्रभावी समाधान खोजना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, भूकंप, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन में नई तकनीकों और रणनीतियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “इस तीन दिवसीय सम्मेलन में सामने आने वाले सुझाव और विचार न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे विश्व के लिए उपयोगी साबित होंगे। यह हम सभी को भविष्य में आपदा प्रबंधन के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद करेगा। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा कि आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन में विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों की टीम समान रूप से भाग ले रही है, जो प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को कम करने, आपदा प्रतिक्रिया को तेज करने और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। सीएम धामी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति और पिछले आपदाओं का अनुभव इस सम्मेलन को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन से नई रणनीतियों और नवाचारों का विकास होगा, जो न केवल प्रदेश बल्कि विश्व स्तर पर आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होंगे।
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में कई सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें तकनीकी कार्यशालाएं, पैनल चर्चा और अनुभव साझा करने के सत्र शामिल हैं। यह सम्मेलन उत्तराखंड को आपदा-प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में एक वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करने का अवसर देगा।
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