उत्तराखंड

मौसम की मार से श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ी, चारधाम यात्रा के दौरान पहाड़ों से गिरे पत्थर, बद्रीनाथ जा रहे 800 यात्री रोके गए

Sarita
17 May 2022 10:59 AM IST
The problems of the devotees increased due to the weather, stones fell from the mountains during the Chardham Yatra, 800 pilgrims going to Badrinath were stopped
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फाइल फोटो 

चार धाम यात्रा के दौरान बारिश और भूस्खलन ने श्रृद्धालुओं की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2022) के दौरान बारिश और भूस्खलन ने श्रृद्धालुओं की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है. केदारनाथ की चोटियों पर मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से बर्फबारी के साथ-साथ बारिश भी हो रही है. इतना ही नहीं उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों में भी कई स्थानों पर बारिश हुई है. वहीं बद्रीनाथ हाईवे पर खचड़ा नाले में जलस्तर बढ़ गया और पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे, जिस कारण पुलिस प्रशासन ने बद्रीनाथ धाम जा रहे करीब 800 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर बैरियर पर रोक दिया. जिन यात्रियों को रोका गया है उनके रुकने और खाने-पीने की व्यवस्था गोविंदघाट गुरुद्वारे में की गई है.

बद्रीनाथ धाम से लेकर जोशीमठ तक भारी बारिश बारिश हो रही है. सोमवार शाम चार बजे से बदरीनाथ और लामबगड़ क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही है. शाम छह बजे से लामबगड़ के पास खचड़ा नाले में पहाड़ी से पत्थर गिरने शुरू हो गए. इस पर पुलिस प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही रोक दी. रात साढ़े आठ बजे तक भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी था.
अचानक बढ़ी पहाड़ों पर ठंड
अचानक हुई बर्फबारी और बारिश से पहाड़ों पर ठंड और बढ़ गई है. श्रद्धालुओं को बारिश और ठंड की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बदले मौसम को देखते हुए प्रशासन लगातार यात्रियों से लगातार अपील कर रहा है, जो भी यात्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ रहे हैं. वो पूरी तैयारी के साथ आए. गरम कपड़ों के साथ बरसाती भी लेकर यात्रा पर आए.
केदारनाथ यात्रा के दौरान हुई सबसे ज्यादा यात्रियों की मौत
इस बीच चार धाम यात्रा में अब तक 41 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा 15 यात्रियों की मौत केदारनाथ यात्रा के दौरान हुई है. वहीं, यमुनोत्री में 14, बद्रीनाथ में 8 और गंगोत्री में चार श्रद्धालुओं की मौत हुई है. बताया जा रहा है कि श्रद्धालुओं की मौत हाई ब्लड प्रेशर, हर्ट संबंधी बीमारियों, पहाड़ी पर चढ़ने संबंधी बीमारियों से हुई हैं. ऐसे में प्रशासन की ओर से ऐसे यात्रियों को यात्रा न करने की सलाह दी गई है, जिन लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं.
जानकारी के मुताबिक बद्रीनाथ के कपाट खुलने के बाद 8 मई से सोमवार शाम तक कुल 1 लाख 76 हजार 463 यात्रियों ने दर्शन किए हैं, जबकि केदारनाथ धाम कपाट खुलने के बाद 6 मई से लेकर 16 मई तक 2 लाख 13 हजार 640 यात्रियों ने दर्शन किए हैं.
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