उत्तराखंड

विधानसभा सत्र के अंतिम दिन हंगामे से बाधित हुई कार्यवाही

Admindelhi1
28 Oct 2026 5:08 PM IST
विधानसभा सत्र के अंतिम दिन हंगामे से बाधित हुई कार्यवाही
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विधानसभा के अंतिम दिन भी नहीं थमा हंगामा, तीन बार स्थगन

भराड़ीसैंण : उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र के अंतिम दिन बुधवार को भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने सदन में हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की, जिसके कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने सदन के अंदर और बाहर अंकिता भंडारी प्रकरण, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, आपदा और पलायन के मुद्दों पर सरकार को घेरा।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने नियम 310 के तहत दी गई सूचना को नियम 58 के अंतर्गत सुनने की बात कही। विपक्षी सदस्यों ने इसका विरोध करते हुए अपने नोटिस पर चर्चा कराने की मांग की। इस दौरान सदन के नेता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।

भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने सदन में सामूहिक फोटो खिंचवाने की परंपरा का उल्लेख करते हुए विपक्ष के इसमें शामिल नहीं होने का मुद्दा उठाया। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी विधायक वेल में पहुंचकर 'भ्रष्टाचार की सरकार नहीं चलेगी' और 'बंटी-बबली की सरकार नहीं चलेगी' के नारे लगाने लगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांग पर अड़े रहे। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले सुबह 11:20 बजे और फिर दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस विधायक फिर वेल में पहुंच गए। सदस्यों को अपनी सीटों पर बैठने के लिए कहा गया, लेकिन विरोध जारी रहा। कांग्रेस विधायकों ने मेज पर कागज पटककर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यवाही दोपहर सवा 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

सवा 12 बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर भी विपक्ष भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर अड़ा रहा। इस दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने विधायक प्रीतम सिंह पंवार के तारांकित प्रश्न के उत्तर में बताया कि राज्य में 22,95,760 राशन कार्ड धारकों को पीवीसी राशन कार्ड जारी किए गए हैं।

मंत्री ने बताया कि पीवीसी राशन कार्डों की छपाई अक्टूबर 2020 में शुरू हुई थी। इनमें अंत्योदय अन्न योजना के 1,82,941, प्राथमिक परिवार योजना के 11,91,133 और राज्य खाद्य योजना के 9,21,686 कार्ड शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राशन कार्डों के नवीनीकरण का कार्य जिला स्तर पर चल रहा है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

विधानसभा में विधायक बृजभूषण गैरोला के तारांकित प्रश्न के उत्तर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भरत सिंह चौधरी ने बताया कि अगस्त 2026 तक प्रदेश में 12,561 बुनकर पंजीकृत थे। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान हिमाद्री इम्पोरियम के माध्यम से हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों की कुल 1,57,58,994 रुपये की बिक्री हुई।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए थारू, बोक्सा और अन्य जनजातियों की महिलाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना के साथ विशेष घटक योजना और जनजातीय उपयोजना संचालित कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ के धारचूला और मुनस्यारी, उत्तरकाशी के डुण्डा और भटवाड़ी, ऊधमसिंह नगर के जसपुर, हरिद्वार के रुड़की तथा चमोली के भीम तल्ला, माणा और घिघराण में मुख्य रूप से हथकरघा का कार्य होता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में हस्तशिल्प गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं।

चौधरी के अनुसार, इन उत्पादों का विपणन देहरादून, उत्तरकाशी और नई दिल्ली स्थित हिमाद्री इम्पोरियम के माध्यम से किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इनकी बिक्री 81,21,075 रुपये रही, जो 2024-25 में घटकर 37,78,652 रुपये रह गई। वर्ष 2025-26 में बिक्री 38,59,267 रुपये दर्ज की गई। इस तरह तीन वित्तीय वर्षों में कुल बिक्री 1.57 करोड़ रुपये से अधिक रही।

इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर भी प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और बेशकीमती जमीनों को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में पलायन समेत कई गंभीर समस्याओं पर सरकार का अपेक्षित ध्यान नहीं है। आर्य ने अंकिता भंडारी प्रकरण और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला।

विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने भी भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने 250 मीटर सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने और एक आश्रम में सात करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख करते हुए संबंधित मामलों में कार्रवाई करने तथा राज्य की संपत्तियों को सुरक्षित रखने की मांग की। कापड़ी ने कहा कि विधानसभा सत्र पर जनता का पैसा खर्च होता है और अंतिम दिन जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष ने सरकार से भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब देने और किसानों, आपदा तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की।

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