उत्तराखंड

हरिद्वार से नोएडा तक मासूम कांवड़ियों का सफर

Saba Naaz
26 July 2026 9:12 PM IST
हरिद्वार से नोएडा तक मासूम कांवड़ियों का सफर
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हरिद्वार। सावन महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों की आस्था के कई अनोखे और भावुक करने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। इसी बीच हरिद्वार पहुंचे नोएडा के छह किशोर कांवड़ यात्रियों की कहानी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। इन नन्हे शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा में अपनी पूरी जमा-पूंजी कांवड़ खरीदने में खर्च कर दी। अब उनकी जेब में खाने तक के पैसे नहीं हैं, लेकिन चेहरे पर किसी तरह की चिंता नहीं, बल्कि भोलेनाथ पर अटूट विश्वास दिखाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-51 और आसपास के क्षेत्र से आए छह किशोर दोस्त हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचे हैं। इनमें करण (16), कुणाल चौधरी (16), मुकेश भोला (15), विकास भोला (13), सूरज भोला (13) और उनका एक अन्य साथी शामिल है। इन सभी का लक्ष्य कांवड़ लेकर हरिद्वार से नोएडा तक पैदल यात्रा पूरी करना है।

रविवार को हरिद्वार के शंकराचार्य चौक के पास हाईवे किनारे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की छाया में बैठे इन किशोरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कोई अपनी कांवड़ को ठीक कर रहा था तो कोई तेज धूप से बचने के लिए ट्रॉली के नीचे आराम कर रहा था। उनके साधारण अंदाज और चेहरे पर दिख रही श्रद्धा ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया।

किशोर कांवड़ यात्रियों ने बताया कि वे भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था के कारण हरिद्वार आए हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ खरीदने में उनके पास मौजूद सारे पैसे खर्च हो गए। अब खाने-पीने के लिए जेब में एक रुपया भी नहीं बचा है, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता नहीं है। उनका कहना है कि भोलेनाथ पर पूरा भरोसा है और यात्रा के दौरान उनकी मदद करने के लिए लोग आगे आ रहे हैं।

इन बच्चों ने बताया कि रास्ते में कई लोग उनकी सहायता कर रहे हैं। कोई उन्हें भोजन करा रहा है तो कोई चाय-पानी की व्यवस्था कर रहा है। स्थानीय लोगों की मदद से उनका सफर आसान हो रहा है। किशोरों का कहना है कि हरिद्वार से नोएडा तक की यात्रा को लेकर उन्हें किसी तरह का डर या तनाव नहीं है।

इनमें से तीन किशोर पहले भी वर्ष 2025 में कांवड़ यात्रा कर चुके हैं। इस बार उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक साथ यात्रा करने का फैसला किया। उनका उत्साह और भगवान शिव के प्रति विश्वास उन्हें लंबी दूरी तय करने की प्रेरणा दे रहा है।

कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य धार्मिक स्थानों से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की ओर रवाना होते हैं। इस दौरान कई सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए आगे आते हैं। जगह-जगह भंडारे, पानी और आराम की व्यवस्था की जाती है।

इन नन्हे कांवड़ यात्रियों की कहानी भी इसी सेवा भावना और आस्था की मिसाल पेश करती है। आर्थिक परेशानी के बावजूद इन बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि भगवान शिव की भक्ति के आगे कोई परेशानी बड़ी नहीं लगती।

किशोरों ने बताया कि वे 11 अगस्त से पहले नोएडा पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद वे पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं।

इन बच्चों की भक्ति और विश्वास देखकर लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक उनकी कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। यह घटना दिखाती है कि आस्था और विश्वास इंसान को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत देते हैं।

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