
गोपेश्वर: चमोली जिले का ऐतिहासिक गौचर मेला इस बार 14 से 20 नवंबर तक आयोजित होगा। सात दिनों तक चलने वाले 74वें राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार मेले में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, उद्यमिता और लोकसंस्कृति को विशेष स्थान देने के साथ कई नए आकर्षण भी जोड़े जा रहे हैं।
मेले की तैयारियों को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार गोपेश्वर में बैठक हुई। डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले में पहुंचने वाले लोगों की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौडियाल ने बताया कि इस बार मेले को नई पहचान देने के लिए नया लोगो और शुभंकर तैयार किया गया है। मेला मैदान का नया लेआउट तैयार करने के साथ आकर्षक मंच, बेहतर लाइट एवं साउंड व्यवस्था, मिनी मेला मार्केट, सेल्फी प्वाइंट और स्मृति चिह्नों की व्यवस्था की जाएगी। मेले के प्रचार-प्रसार के लिए नई वेबसाइट भी तैयार की गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण किया जाएगा।
डीएम ने बच्चों के लिए सुरक्षित गतिविधियां, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं और वाटर एटीएम स्थापित करने के निर्देश दिए। खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग के साथ पेयजल और विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने को कहा। मेले में यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और अस्थायी पुलिस चैकी स्थापित की जाएगी। पर्याप्त पुलिस और अग्निशमन कर्मियों की तैनाती के साथ नशे के खिलाफ भी निगरानी रखी जाएगी।
इसके अलावा अतिरिक्त वाटर टैंकर, अग्निशमन वाहन, सफाई कर्मचारी, कूड़ा वाहन और मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी। उद्योग एवं विकास प्रदर्शनी, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियों के लिए अलग-अलग समितियां गठित की गई हैं।
डीएम ने मेले के दौरान आयोजित होने वाली गोष्ठियों को स्थानीय विकास, उद्यमिता और जनजागरूकता से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी और अन्य अतिथियों ने मेले के नए लोगो का अनावरण किया।
बैठक में गौचर नगर पालिका अध्यक्ष संदीप नेगी, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आनंद सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेला आयोजन से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।





