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UK उत्तराखंड: थराली क्षेत्र में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भारत सरकार की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने सोमवार को हवाई और स्थलीय सर्वेक्षण किया। इस दल का नेतृत्व निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने किया, जिसमें अनु सचिव शेर बहादुर, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार सहित विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। टीम ने थराली के चेपड़ो, कोटडीप, राड़ीबगड़, देवाल के मोपाटा और नंदानगर जैसे प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके साथ ही सड़क मार्ग से क्षतिग्रस्त इलाकों का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में आयोजित राहत शिविर में एक बैठक के दौरान पीपीटी के माध्यम से आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने चेपड़ो बाजार और अन्य क्षेत्रों में भूस्खलन से प्रभावित आवासों की स्थिति पर प्रकाश डाला।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि लगातार बारिश और भूस्खलन से सड़कों, पुलों, भवनों, पेयजल योजनाओं, विद्युत तंत्र और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, विभिन्न विभागों की परिसंपत्तियों को लगभग 1150 करोड़ रुपए की क्षति हुई है। सर्वेक्षण के दौरान टीम ने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और पाया कि भूस्खलन और बारिश के कारण कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। आवागमन की सुविधाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं, कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करना पड़ा है। केंद्रीय टीम ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
टीम ने पुनर्वास कार्यों, प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता, राशन, चिकित्सा सुविधाओं, अस्थायी आश्रयों और सड़क मार्गों को शीघ्र खोलने के प्रयासों की जानकारी भी ली। टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य आपदा से हुए वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन करना है। इसके आधार पर भारत सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके जरिए प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत, पुनर्निर्माण और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों की योजना बनाई जाएगी। इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, अपर जिला अधिकारी विवेक प्रकाश, एसडीएम कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगण, एसडीएम थराली पंकज भट्ट सहित कई विभागीय अधिकारी और स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
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