
Uttarakhand उत्तराखंड : हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर निहंगों के एक समूह और प्रशासन के बीच घंटों तक चले गतिरोध के बाद आखिरकार स्थिति शांत हो गई। अधिकारियों के साथ बातचीत सफल होने के बाद समूह शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब की ओर रवाना हो गया, जिससे क्षेत्र में फैला तनाव समाप्त हो गया।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर यह घटना उस समय शुरू हुई जब गुरुवार रात विकासनगर क्षेत्र के कुल्हाल चौकी पर निहंगों का एक बड़ा समूह पहुंचाया और सुरक्षा बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और समूह के बीच टकराव की स्थिति बन गई और मौके पर तनाव बढ़ गया।
जानकारी के अनुसार, सिख समुदाय से जुड़े इस समूह का उद्देश्य उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब की ओर बढ़ना था। लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
विकासनगर क्षेत्र में हुई इस घटना के दौरान कुछ समय के लिए स्थिति काफी तनावपूर्ण रही और पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के प्रयास किए। अधिकारियों ने बताया कि बातचीत के जरिए हालात को संभाला गया और किसी बड़े संघर्ष को टाल दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, निहंग जत्थे ने अंततः समझौते के बाद अपना रुख बदल लिया और आगे की यात्रा रोक दी। समूह ने चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार और नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे में हाल में हुए विवाद को लेकर प्रस्तावित विरोध मार्च को भी रद्द करने का फैसला लिया।
चमोली जिले से जुड़े इस मुद्दे को लेकर जत्थे की ओर से पहले विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी, लेकिन प्रशासन के साथ बातचीत के बाद इसे सक्रिय कर दिया गया।
पुलिस और प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से माना हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि बातचीत और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के चलते स्थिति को बिना किसी बड़े नुकसान के नियंत्रित कर लिया गया।
वहां के इलाके में स्थिति सामान्य है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। यह मामला बातचीत के जरिए हल होने को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।





