उत्तराखंड

सावन में तेजस्वी सूर्या की कांवड़ यात्रा, हर की पौड़ी से वीरभद्र तक दिखाई आस्था

Ratna Netam
7 Aug 2026 6:31 PM IST
सावन में तेजस्वी सूर्या की कांवड़ यात्रा, हर की पौड़ी से वीरभद्र तक दिखाई आस्था
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ऋषिकेश/हरिद्वार : सावन माह में देशभर में कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जारी है। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी हरिद्वार से कांवड़ यात्रा निकालकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। उन्होंने हर की पौड़ी पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गंगाजल उठाया और सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं के साथ हरिद्वार से ऋषिकेश के वीरभद्र तक पैदल कांवड़ यात्रा की।
शुक्रवार को आयोजित इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी से हुई। तेजस्वी सूर्या ने सबसे पहले मां गंगा की पूजा कर देश, प्रदेश और समस्त नागरिकों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने गंगाजल से कांवड़ भरी और यात्रा आरंभ की। इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, स्थानीय युवा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष लगाए, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
हरिद्वार से शुरू हुई यह यात्रा ऋषिकेश के वीरभद्र तक पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया। कई स्थानों पर सेवा शिविरों में जलपान और चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी। यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में युवा पारंपरिक वेशभूषा में कांवड़ लेकर चलते दिखाई दिए।
यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत में तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का विशेष अवसर होता है और इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति की गहराई और समाज को जोड़ने वाली शक्ति को दर्शाती है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी का बड़ी संख्या में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ना बेहद सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार, इससे स्पष्ट होता है कि देश के युवा आधुनिकता के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्मिक मूल्यों को भी महत्व दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव समाज को मजबूत बनाता है और राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा देता है।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कांवड़ यात्रा सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी एक सशक्त माध्यम है। इस यात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों, राज्यों और आयु वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ चलते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश पूरे देश में पहुंचता है। उन्होंने उत्तराखंड के लोगों और देशभर के श्रद्धालुओं को सावन माह की शुभकामनाएं भी दीं।
भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने भी इस अवसर पर यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि तेजस्वी सूर्या की इस पहल से देशभर के युवाओं में सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य तभी और अधिक उज्ज्वल होगा जब युवा आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों को भी अपनाएंगे। उनके अनुसार, आध्यात्म और तकनीक का संतुलित समन्वय भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा सकता है।
इस कांवड़ यात्रा में भाजपा और भाजयुमो के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल रहे। इनमें भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैंदोली, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिनव सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सहगल, दीप कोश्यारी और मुलायम रावत सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से भी आवश्यक प्रबंध किए गए थे।
सावन के पवित्र महीने में आयोजित इस यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ युवाओं की भागीदारी, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने यह भी दर्शाया कि आधुनिक दौर में भी भारतीय परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के प्रति युवाओं का उत्साह और विश्वास लगातार मजबूत बना हुआ है।
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