उत्तराखंड

म्यूल अकाउंट से करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन, साइबर सेल सक्रिय

Kavita2
7 Aug 2026 5:21 PM IST
म्यूल अकाउंट से करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन, साइबर सेल सक्रिय
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अल्मोड़ा। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक संदिग्ध म्यूल अकाउंट मामले में अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अल्मोड़ा शाखा में संचालित एक खाते से महज दो दिनों के भीतर एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन किया गया।

पुलिस के अनुसार, इस बैंक खाते को साइबर अपराधियों द्वारा कथित तौर पर अवैध लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया गया हो सकता है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इसी खाते से जुड़े मामले में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 16 शिकायतें दर्ज हैं।

संदिग्ध लेन-देन के बाद जांच तेज

साइबर सेल को जांच के दौरान एक ऐसे बैंक खाते की जानकारी मिली, जिसमें कम समय में बड़ी रकम का लेन-देन हुआ था। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि खाते में हुई गतिविधियां सामान्य बैंकिंग व्यवहार से अलग थीं।

अधिकारियों के अनुसार, दो दिनों के भीतर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि का लेन-देन होना संदेह पैदा करता है। इसके बाद खाते की गतिविधियों की जांच शुरू की गई और संबंधित बैंक से भी जानकारी जुटाई गई।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह खाता किसके नाम पर है और इसके जरिए किन लोगों तक पैसा पहुंचाया गया।

म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं साइबर अपराधी

साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे खातों का उपयोग अक्सर ठगी से प्राप्त रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।

साइबर अपराधी कई बार ऐसे लोगों के बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं होती। कुछ मामलों में लालच देकर या कमीशन का झांसा देकर बैंक खाते उपलब्ध कराए जाते हैं।

जांच एजेंसियां ऐसे खातों के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश करती हैं।

NCRP पर दर्ज हैं 16 शिकायतें

पुलिस जांच में सामने आया कि संबंधित बैंक खाते के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 16 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि इस खाते का संबंध कई साइबर ठगी की घटनाओं से हो सकता है।

एनसीआरपी पोर्टल पर देशभर के लोग साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें दर्ज करते हैं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस और जांच एजेंसियां कार्रवाई करती हैं।

पुलिस अब इन शिकायतों का अध्ययन कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सभी मामलों में एक ही गिरोह शामिल है या अलग-अलग घटनाओं का संबंध इस खाते से है।

अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन की जानकारी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया जा रहा है। संदिग्ध बैंक खातों की निगरानी की जा रही है और बड़े लेन-देन वाले खातों की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें और किसी भी लालच या कमीशन के चक्कर में अपना खाता इस्तेमाल करने की अनुमति न दें।

लोगों को सतर्क रहने की अपील

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते का गलत इस्तेमाल होने देता है तो वह भी जांच के दायरे में आ सकता है। इसलिए लोगों को अपने खाते की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खाते का संचालन कौन कर रहा था, रकम कहां-कहां भेजी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के बाद साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। अधिकारियों ने कहा है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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