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Haridwar हरिद्वार। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तराखंड के हरिद्वार में धार्मिक आस्था और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में भारत में सूरीनाम गणराज्य की राजदूत हनीषा जयराम धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार पहुंचीं। उन्होंने विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। हनीषा जयराम ने अपनी हरिद्वार यात्रा के दौरान प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर और दक्षिण काली मंदिर में पहुंचकर पूजा की। उन्होंने भगवान और देवी मां के दर्शन कर देश और दुनिया की सुख-शांति की कामना की।
इसके बाद उन्होंने स्वामी कैलाशानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर भी चर्चा हुई। स्वामी कैलाशानंद महाराज ने राजदूत का स्वागत किया और उन्हें भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं के महत्व के बारे में बताया। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ऐसे पावन अवसर पर विदेशी राजनयिक का हरिद्वार पहुंचना भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक आकर्षण को दर्शाता है।
भारत और सूरीनाम के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। सूरीनाम में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या है और वहां भारतीय परंपराओं, भाषाओं और त्योहारों का विशेष महत्व है। ऐसे में भारतीय धार्मिक स्थलों की यात्रा दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का माध्यम भी मानी जाती है। हनीषा जयराम ने हरिद्वार की धार्मिक परंपराओं और मंदिरों के वातावरण की सराहना की। उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। गंगा घाट, मंदिर और संत परंपरा इस शहर को विशेष पहचान देते हैं। जन्माष्टमी के मौके पर हरिद्वार में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रही। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। सूरीनाम की राजदूत की यह धार्मिक यात्रा भारत की सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक परंपराओं के वैश्विक आकर्षण को भी दर्शाती है।
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