
कोटद्वार: राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनाने की दिशा में शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश की ओर से अस्पताल में टेलीमेडिसिन सेवा का सफल ट्रायल किया गया। इस दौरान चिकित्सकीय परामर्श और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।
टेलीमेडिसिन सेवा के शुरू होने से कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़े अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे गंभीर बीमारियों से जुड़े मरीजों को बेहतर उपचार मार्गदर्शन मिलेगा और उन्हें विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता कम होगी।
ट्रायल के दौरान एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों और राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार की चिकित्सा टीम के बीच ऑनलाइन माध्यम से संपर्क स्थापित किया गया। इस प्रक्रिया में मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करने, चिकित्सकीय सलाह लेने और तकनीकी उपकरणों की कार्यप्रणाली की जांच की गई।
अधिकारियों ने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवा के लिए आवश्यक तकनीकी ढांचे का परीक्षण किया गया, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, मरीजों की रिपोर्ट साझा करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों से संवाद की व्यवस्था को परखा गया। सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह सेवा पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में कई बार मरीजों को विशेषज्ञ इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। टेलीमेडिसिन सुविधा इस समस्या को कम करने में मदद करेगी।
राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार क्षेत्र का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां आसपास के कई क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से यहां इलाज की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
एम्स ऋषिकेश की विशेषज्ञ टीम के साथ जुड़ाव से अस्पताल के चिकित्सकों को भी बेहतर चिकित्सा मार्गदर्शन प्राप्त होगा। जटिल मामलों में विशेषज्ञ राय मिलने से मरीजों के उपचार में तेजी और सटीकता आएगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, टेलीमेडिसिन सेवा का उद्देश्य केवल ऑनलाइन परामर्श देना नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक प्रभावी और सुलभ बनाना है। इसके तहत मरीजों को समय पर उचित सलाह, जांच रिपोर्ट की समीक्षा और उपचार संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे।
ट्रायल के सफल होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया के तहत इस सेवा को नियमित रूप से शुरू करने की तैयारी की जाएगी। इसके लिए अस्पताल में आवश्यक तकनीकी संसाधनों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रही हैं। टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर बैठे मरीज भी विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंच बना सकते हैं। इससे समय की बचत होती है और उपचार की संभावनाएं बेहतर होती हैं।
इस पहल से कोटद्वार क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर बुजुर्ग मरीजों, गंभीर रोगियों और ऐसे लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी, जिन्हें बार-बार बड़े अस्पतालों तक यात्रा करने में परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि एम्स ऋषिकेश जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़ाव होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर इलाज के अवसर मिलेंगे।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। आने वाले समय में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं से जुड़े परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में टेलीमेडिसिन सेवा का सफल ट्रायल स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था भी अधिक आधुनिक और प्रभावी बनेगी।





