उत्तराखंड

उत्तराखंड के तीन सरकारी स्कूल छात्रों को मिली बड़ी स्कॉलरशिप

Kavita2
11 Aug 2026 6:06 PM IST
उत्तराखंड के तीन सरकारी स्कूल छात्रों को मिली बड़ी स्कॉलरशिप
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देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले तीन प्रतिभाशाली छात्रों ने अपनी मेहनत और लगन से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। रोनिक बिस्वास, मानव दास और कशिश चौहान को उच्च शिक्षा और नई तकनीकी स्किल हासिल करने के लिए दो अलग-अलग कार्यक्रमों में बड़ी स्कॉलरशिप मिली है। इन स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को आधुनिक तकनीक और कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

रोनिक बिस्वास और मानव दास को प्लाक्षा यूनिवर्सिटी के यंग टेक्नोलॉजी स्कॉलर्स प्रोग्राम के रोबोटिक्स ट्रैक के लिए 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली है। वहीं कशिश चौहान को हिमाचल प्रदेश स्थित इटरनल यूनिवर्सिटी में नवगुरुकुल के रेजिडेंशियल बीसीए प्रोग्राम के लिए 90 प्रतिशत स्कॉलरशिप प्रदान की गई है।

इन स्कॉलरशिप को सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और नई तकनीकी क्षमताओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

रोबोटिक्स सीखेंगे रोनिक और मानव

रोनिक बिस्वास और मानव दास का चयन प्लाक्षा यूनिवर्सिटी के यंग टेक्नोलॉजी स्कॉलर्स प्रोग्राम के रोबोटिक्स ट्रैक के लिए हुआ है। दोनों छात्रों को कार्यक्रम के लिए पूरी यानी 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप दी गई है।

रोबोटिक्स आज तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी क्षेत्रों में से एक है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, मैकेनिकल डिजाइन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी कई तकनीकों का इस्तेमाल होता है। इस क्षेत्र में प्रशिक्षण छात्रों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।

सरकारी स्कूलों से आने वाले इन छात्रों के लिए इस तरह के विशेष कार्यक्रम में शामिल होना उनकी शिक्षा और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

कशिश को BCA के लिए 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति

तीसरे छात्र कशिश चौहान को हिमाचल प्रदेश की इटरनल यूनिवर्सिटी में नवगुरुकुल के रेजिडेंशियल बीसीए प्रोग्राम के लिए 90 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिली है।

बीसीए यानी बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ा स्नातक स्तर का पाठ्यक्रम है। इस कार्यक्रम के जरिए कशिश को कंप्यूटर एप्लीकेशन, प्रोग्रामिंग और तकनीकी कौशल से संबंधित शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

रेजिडेंशियल कार्यक्रम होने के कारण छात्र को पढ़ाई के साथ-साथ एक संरचित शैक्षणिक वातावरण में रहने और सीखने का अवसर भी मिलेगा।

सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए प्रेरणा

तीनों छात्रों की उपलब्धि को उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। आमतौर पर उच्च तकनीकी शिक्षा और प्रतिष्ठित संस्थानों के कार्यक्रमों तक पहुंच को लेकर आर्थिक स्थिति एक बड़ी चुनौती हो सकती है। ऐसे में बड़ी स्कॉलरशिप मिलने से छात्रों को आर्थिक बाधाओं के बिना अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

रोबोटिक्स और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे क्षेत्रों में शिक्षा हासिल करने से छात्रों के सामने भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के नए रास्ते खुल सकते हैं।

नई स्किल पर बढ़ता जोर

वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। तकनीक तेजी से बदल रही है और रोजगार के क्षेत्र में भी नई स्किल की मांग बढ़ रही है। ऐसे में छात्रों को स्कूल स्तर के बाद आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों से जोड़ना महत्वपूर्ण हो गया है।

रोबोटिक्स, कोडिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन और अन्य डिजिटल कौशल युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने में मदद कर सकते हैं। तीनों छात्रों को मिले अवसर इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

आर्थिक बाधाओं के बीच बड़ी उपलब्धि

स्कॉलरशिप का सबसे बड़ा लाभ यह है कि छात्रों और उनके परिवारों पर उच्च शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होता है। रोनिक और मानव को 100 प्रतिशत स्कॉलरशिप मिलने से रोबोटिक्स कार्यक्रम में पढ़ाई के लिए आर्थिक बाधा काफी हद तक दूर होगी। वहीं कशिश को मिली 90 प्रतिशत स्कॉलरशिप से भी उसके परिवार के लिए उच्च शिक्षा का खर्च काफी कम हो जाएगा।

इस तरह की छात्रवृत्तियां प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी आर्थिक पृष्ठभूमि से अलग अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर देती हैं।

तकनीकी शिक्षा में भविष्य तलाशेंगे छात्र

रोबोटिक्स और कंप्यूटर शिक्षा में प्रशिक्षण हासिल करने के बाद छात्रों के लिए तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। रोबोटिक्स के क्षेत्र में ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में अवसर मौजूद हैं।

इसी तरह बीसीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद कशिश के सामने सॉफ्टवेयर, वेब डेवलपमेंट, डेटा और अन्य आईटी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के विकल्प खुल सकते हैं। हालांकि उनका भविष्य का करियर उनके आगे के प्रदर्शन, रुचि और विशेषज्ञता पर निर्भर करेगा।

अन्य छात्रों को भी मिल सकता है प्रोत्साहन

तीनों छात्रों की सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा और आधुनिक तकनीकी कार्यक्रमों में अपनी जगह बना सकते हैं। जरूरत है कि छात्रों को सही मार्गदर्शन, अवसर और अपनी क्षमता साबित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया जाए।

स्कॉलरशिप जैसे अवसर आर्थिक रूप से सीमित परिवारों से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। इससे वे अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे की पढ़ाई कर सकते हैं और अपने करियर के नए लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं।

शिक्षा से कौशल और करियर तक का सफर

रोनिक बिस्वास, मानव दास और कशिश चौहान की उपलब्धि शिक्षा के साथ कौशल विकास के महत्व को भी रेखांकित करती है। दो छात्रों को रोबोटिक्स और एक छात्र को कंप्यूटर एप्लीकेशन की पढ़ाई का अवसर मिलना बताता है कि आधुनिक शिक्षा में तकनीकी कौशल की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

उत्तराखंड के इन तीन सरकारी स्कूल छात्रों के लिए मिली स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने सपनों को नई दिशा देने का अवसर भी है। अब इन छात्रों से उम्मीद की जा रही है कि वे मिले अवसर का बेहतर इस्तेमाल करते हुए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएंगे और अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे।

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