उत्तराखंड

उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि में छात्रों का हंगामा

Saba Naaz
29 July 2026 8:09 PM IST
उत्तराखंड आयुर्वेदिक विवि में छात्रों का हंगामा
x

देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बुधवार को बीएएमएस छात्रों ने लंबित परीक्षा परिणाम और परीक्षाएं आयोजित कराने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। 2019 से 2022 बैच के छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन में धरना दिया। मामला उस समय गंभीर हो गया जब छह छात्र अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास किया।

प्रदर्शन कर रहे छात्र विभिन्न निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों से पहुंचे थे। उनका आरोप था कि वर्षों से उनके परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए गए हैं और आगे की परीक्षाएं भी आयोजित नहीं हो रही हैं। छात्रों का कहना है कि उन्होंने बीएएमएस की पढ़ाई के लिए लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

छात्रों ने बताया कि करीब ढाई साल से उनके परीक्षा परिणाम लंबित हैं। परिणाम जारी नहीं होने के कारण वे आगे की पढ़ाई, इंटर्नशिप और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। लंबे समय से विश्वविद्यालय प्रशासन से समाधान की मांग की जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के चलते छात्रों ने बुधवार को उग्र आंदोलन किया।

विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन के दौरान जब परीक्षा नियंत्रक और अन्य अधिकारी मौके पर नहीं मिले तो छात्रों का गुस्सा बढ़ गया। छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के कर्मचारियों को कमरों से बाहर कर दिया। इसके बाद छह छात्र परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए।

टंकी पर चढ़े छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक नीचे नहीं उतरने की बात कही। नीचे खड़े अन्य छात्र लगातार नारे लगाकर उनका समर्थन करते रहे। पुलिस और विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने छात्रों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी बहस भी हुई। कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

छात्रों का कहना था कि जब तक उनके परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाते और लंबित परीक्षाओं की तारीख तय नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार देरी से उनका करियर प्रभावित हो रहा है और जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है।

वहीं, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित निजी कॉलेजों ने कुछ छात्रों को बिना नीट और बिना निर्धारित काउंसलिंग प्रक्रिया के प्रवेश दिया था। इस मामले को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद ही परीक्षा परिणाम जारी करने या परीक्षाएं कराने के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकता है।

कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाकर कोई फैसला नहीं लिया जा सकता। सभी निर्णय न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही किए जाएंगे। उन्होंने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की।

बीएएमएस छात्रों के इस प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और लंबित शैक्षणिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब छात्रों की नजर न्यायालय के आदेश और विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर है। वहीं, प्रशासन के सामने छात्रों की मांगों और कानूनी प्रक्रिया के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Next Story