उत्तराखंड

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने खत्म किया अनशन

Saba Naaz
25 July 2026 6:24 PM IST
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने खत्म किया अनशन
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अल्मोड़ा। नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर अल्मोड़ा में चल रहा छात्रों का क्रमिक अनशन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हो गया है। छात्रों ने अपनी मांग पूरी होने पर खुशी जताई और गांधी पार्क से माल रोड होते हुए शहीद तिराहे तक विजय जुलूस निकाला। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और आंदोलन की सफलता का जश्न मनाया।

जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा के गांधी पार्क में विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से नीट पेपर लीक मामले को लेकर क्रमिक अनशन किया जा रहा था। छात्र जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध कर रहे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठा रहे थे।

शनिवार को भी छात्रों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। क्रमिक अनशन के तीसरे दिन छात्र नेताओं ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। छात्रों का कहना था कि नीट पेपर लीक की घटना से देशभर के लाखों युवाओं में निराशा और आक्रोश है। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की थी।

छात्रों की मांगों के बीच शनिवार दोपहर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की जानकारी मिलते ही अल्मोड़ा में आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने इसे अपने आंदोलन की बड़ी सफलता बताया और इसके बाद क्रमिक अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

क्रमिक अनशन पर बैठे छात्र नेता अमित बिष्ट को विधायक मनोज तिवारी ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौजूद रहे। छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी और अपनी मांग पूरी होने पर खुशी जाहिर की।

अनशन समाप्त होने के बाद छात्रों ने गांधी पार्क से विजय जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान छात्र हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर रहे थे। जुलूस माल रोड होते हुए शहीद तिराहे तक पहुंचा।

छात्रों का कहना है कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए।

इस आंदोलन में उज्जवल जोशी, अरविंद कुमार, पंकज जीना, बाल विक्रम सिंह, मनीष, अनिता जोशी, कमलेश सिंह, सुमित जोशी, दीपांशु तिवारी, नेहा पांडे, काजल और मीना सहित कई छात्र शामिल रहे।

वहीं, दन्यां क्षेत्र में भी जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज की निंदा की गई। कांग्रेस की ओर से आयोजित बैठक में युवाओं के मुद्दों और नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भी आवाज उठाई गई थी।

धौलादेवी ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं और महिलाओं ने कांग्रेस की सदस्यता भी ग्रहण की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं और आम लोगों के अधिकारों की आवाज उठाना जरूरी है।

अल्मोड़ा में छात्रों के इस आंदोलन का समापन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा सुधार और पारदर्शी व्यवस्था को लेकर उनकी मांगें आगे भी जारी रहेंगी। छात्रों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को लगातार गंभीर कदम उठाने चाहिए।

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