उत्तराखंड

भाजपा में राज्यसभा टिकट को लेकर हलचल सीएम को मिली पैनल की जिम्मेदारी

Ratna Netam
25 Sept 2026 10:03 PM IST
भाजपा में राज्यसभा टिकट को लेकर हलचल सीएम को मिली पैनल की जिम्मेदारी
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देहरादून। उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी के भीतर टिकट के लिए कई नेताओं के नाम सामने आए हैं और दावेदारों की संख्या करीब दो दर्जन बताई जा रही है। शुक्रवार को हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई। पार्टी की प्रदेश इकाई संभावित नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगी, जहां से उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला होगा।उत्तराखंड की यह राज्यसभा सीट वर्तमान भाजपा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में उत्तराखंड से नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट और कल्पना सैनी राज्यसभा सदस्य हैं।
निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड की इस सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित किया है। चुनाव प्रक्रिया के तहत 29 सितंबर से नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी।राज्यसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद भाजपा के भीतर प्रत्याशी चयन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई थीं। शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी की बैठक रखी गई। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा था कि बैठक में सामने आने वाले नामों पर विचार करने के बाद तीन नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। प्रत्याशी के चयन पर अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होना है।बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी तय थी। भाजपा के नए उत्तराखंड प्रभारी राम माधव और सह-प्रभारी अरविंद मेनन तथा बांसुरी स्वराज का भी देहरादून दौरा इस बैठक के साथ निर्धारित किया गया था। राज्यसभा चुनाव के अलावा संगठन और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल थे।
पार्टी के भीतर राज्यसभा टिकट के लिए कई नेताओं की दावेदारी सामने आने से उम्मीदवार चयन को लेकर चर्चा बढ़ गई है। अलग-अलग क्षेत्रों, सामाजिक समीकरणों और संगठन में काम कर चुके नेताओं के नामों पर विचार की बात सामने आई है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।राज्यसभा प्रत्याशी चुनते समय क्षेत्रीय संतुलन भी चर्चा का विषय है। उत्तराखंड की राजनीति में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच प्रतिनिधित्व को राजनीतिक दल अक्सर ध्यान में रखते हैं। संभावित उम्मीदवारों के पैनल को लेकर भी इस संतुलन की चर्चा चल रही है। यह पार्टी की आंतरिक चयन प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा कि भाजपा ने किन पहलुओं को प्राथमिकता दी।
मौजूदा सांसद नरेश बंसल वर्ष 2020 में राज्यसभा पहुंचे थे। उनका कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा हो रहा है। उत्तराखंड भाजपा में पिछले राज्यसभा चुनावों के दौरान अलग-अलग चेहरों को अवसर देने का रिकॉर्ड रहा है। इससे यह चर्चा भी बनी हुई है कि पार्टी बंसल को दोबारा मौका देती है या किसी नए चेहरे को उच्च सदन भेजती है। इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं हुआ है।राज्यसभा उम्मीदवार की दौड़ में किसी नेता का नाम चर्चा में होना टिकट मिलने की पुष्टि नहीं माना जा सकता। भाजपा की प्रक्रिया के मुताबिक प्रदेश स्तर से संभावित नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाना है। इसके बाद पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उम्मीदवार पर अंतिम निर्णय करेगा। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी स्पष्ट कर चुके हैं कि अंतिम घोषणा केंद्रीय स्तर से की जाएगी।
उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा के पास बहुमत होने के कारण राज्यसभा चुनाव में पार्टी की संख्या महत्वपूर्ण रहेगी। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव विधानसभा के निर्वाचित विधायक आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत के जरिए करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों की संख्या और विधानसभा में दलों की सदस्य संख्या के आधार पर चुनाव की स्थिति तय होती है।राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी संगठन में चल रही गतिविधियां ऐसे समय तेज हुई हैं जब भाजपा उत्तराखंड में अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों और आगे की चुनावी रणनीति पर भी काम कर रही है। कोर कमेटी की बैठक में पिछले एक महीने में हुए पार्टी कार्यक्रमों की समीक्षा और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा का कार्यक्रम भी था।
उत्तराखंड की तीन राज्यसभा सीटों में से फिलहाल तीनों पर भाजपा के सांसद हैं। नरेश बंसल के अलावा कल्पना सैनी और महेंद्र भट्ट राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसे में नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने के बाद होने वाला चुनाव राज्य की एक सीट के नए कार्यकाल के लिए है।इस बार टिकट के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आने की खबरों ने पार्टी के भीतर चयन प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है। प्रदेश नेतृत्व के सामने संगठन में अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और अन्य राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए संभावित नामों को सीमित करने की चुनौती है। हालांकि इन मानदंडों में किसे कितना महत्व दिया जाएगा, इसे लेकर पार्टी ने कोई औपचारिक विवरण जारी नहीं किया है।
चुनाव कार्यक्रम के कारण भाजपा के पास उम्मीदवार तय करने के लिए ज्यादा समय नहीं है। 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद 6 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे। ऐसे में पार्टी की ओर से जल्द प्रत्याशी घोषित किए जाने की संभावना है।फिलहाल नजर प्रदेश नेतृत्व की ओर से तैयार किए जाने वाले पैनल और उसके बाद केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर है। कोर कमेटी में संभावित नामों पर मंथन के बाद चयन प्रक्रिया अगले चरण में पहुंचेगी। भाजपा किस नेता को उत्तराखंड से राज्यसभा भेजने के लिए उम्मीदवार बनाती है, यह केंद्रीय नेतृत्व की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
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