
Uttarakhand उत्तराखंड : हल्द्वानी में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में दीक्षित मंजुनाथ टीसी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नशे में ड्यूटी करना या व्यक्तिगत जीवन में अनुशासनहीनता संलग्न नहीं की जाएगी।
बैठक पुलिस विभाग के करीना सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जिले के कई पुलिस अधिकारी और कर्मी मौजूद थे। इस दौरान दीक्षित ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार और उनकी कार्यशैली पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा नशे की हालत में परिवार के साथ दुर्व्यवहार और पड़ोसियों पर वर्दी का रौब दिखाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी नशे की स्थिति में पाया गया या ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार करता हुआ मिला, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी, यहां तक कि बर्खास्तगी तक की कार्रवाई संभव है।
एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों का आचरण समाज के लिए उदाहरण होना चाहिए, क्योंकि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनका व्यक्तिगत व्यवहार भी उतना ही अनुशासित और मर्यादित होना चाहिए।
बैठक में पर्यटन सीजन को देखते हुए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि Tourism Season के दौरान आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही एसएसपी ने हुड़दंग और कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शांति बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि पुलिस बल के भीतर अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि जनता का विश्वास कायम रहे। यदि पुलिसकर्मी ही नियमों का उल्लंघन करेंगे, तो इससे पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
कुल मिलाकर, बैठक में एसएसपी के सख्त रुख से यह साफ संदेश दिया गया कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और नशे की प्रवृत्ति को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





