उत्तराखंड

2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या निकालेंगी कांवड़ यात्रा

Kavita2
4 Aug 2026 9:41 AM IST
2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या निकालेंगी कांवड़ यात्रा
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हरिद्वार। भारत को वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प के साथ उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या आगामी 10 अगस्त को हरिद्वार से विशेष कांवड़ यात्रा निकालेंगी। यह धार्मिक आस्था और खेल संकल्प को जोड़ने वाली यात्रा होगी, जिसमें प्रदेश और देश के खिलाड़ी, युवा, खेल प्रेमी, महिलाएं तथा आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।

जानकारी के अनुसार, यह विशेष पावन कांवड़ यात्रा हरिद्वार से शुरू होकर ऋषिकेश के भद्रकाली तक जाएगी। करीब 22 किलोमीटर लंबी इस पैदल यात्रा का उद्देश्य भारत के ओलंपिक सपने को जन-जन तक पहुंचाना और वर्ष 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए देश की भावना को मजबूत करना है। खेल मंत्री रेखा आर्या स्वयं इस यात्रा का नेतृत्व करेंगी।

खेल मंत्री ने इस आयोजन को खेल और संस्कृति के संगम के रूप में प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि भारत में खेलों को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है और देश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर हो सकता है, जिसके लिए पूरे देश को एकजुट होकर संकल्प लेना चाहिए।

कांवड़ यात्रा भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्रा निकालते हैं। इस बार खेल मंत्री द्वारा निकाली जाने वाली यह यात्रा खेल भावना और राष्ट्रीय संकल्प को समर्पित होगी। आयोजकों का मानना है कि इससे युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और देश के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिलेगी।

यात्रा में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसमें विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ी, प्रशिक्षक और युवा बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इसके माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, मेहनत, एकता और राष्ट्र निर्माण का माध्यम भी है।

भारत ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ओलंपिक सहित विभिन्न वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। ऐसे में 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी को देश में खेल ढांचे को मजबूत करने और युवाओं को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार की ओर से खेल सुविधाओं के विस्तार, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या की यह यात्रा राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में देखी जा रही है।

यात्रा के दौरान श्रद्धालु और प्रतिभागी देश में खेलों के विकास और ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को लेकर संदेश देंगे। आयोजकों ने बताया कि यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। मार्ग में सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा, ताकि यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी देश के लिए ओलंपिक जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी करना गौरव का विषय होता है। इससे न केवल खेल सुविधाओं का विकास होता है, बल्कि पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। भारत यदि 2036 ओलंपिक की मेजबानी हासिल करता है तो यह देश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

रेखा आर्या की इस पहल को खेल और आध्यात्मिक भावना के मेल के रूप में देखा जा रहा है। कांवड़ यात्रा के माध्यम से जहां धार्मिक आस्था का संदेश दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और देश के लिए बड़े सपने देखने की प्रेरणा भी दी जाएगी।

10 अगस्त को हरिद्वार से शुरू होने वाली यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगी, बल्कि भारत के खेल भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनने की कोशिश करेगी। खिलाड़ियों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी से इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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