
देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के उत्पीड़न, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश के आरोपों से जुड़े मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच तेज कर दी है। सोमवार, 19 अक्टूबर को दोपहर बाद मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज किए जाने की संभावना है। रविवार को शासकीय कार्यों में व्यस्त रहने के कारण उनके बयान दर्ज नहीं हो सके थे। दूसरी ओर, मामले में आरोपी उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी की तलाश में उत्तर प्रदेश के बरेली गई पुलिस टीम को सफलता नहीं मिली। रिपोर्ट के अनुसार, साहू फिलहाल पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। इस बीच उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने की जानकारी भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कई स्तरों पर जांच कर रही है।
सोमवार दोपहर बाद दर्ज हो सकते हैं मंत्री के बयान
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज करना एसआईटी की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस पहले उनसे शिकायत में लगाए गए आरोपों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहती है।
बताया जा रहा है कि रविवार को मंत्री की शासकीय व्यस्तताओं के कारण जांच टीम उनके औपचारिक बयान दर्ज नहीं कर सकी। अब सोमवार दोपहर बाद बयान दर्ज करने की संभावना जताई गई है।
एसआईटी मंत्री से कथित उत्पीड़न, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में जालसाजी और जान से मारने की साजिश से संबंधित आरोपों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।
इसके अलावा शिकायत में उल्लिखित घटनाओं की समयावधि और उनसे जुड़े संभावित साक्ष्यों के संबंध में भी पूछताछ की जा सकती है।
बरेली पहुंची पुलिस टीम खाली हाथ लौटी
मामले में आरोपी गिरधारी लाल साहू की तलाश पुलिस के सामने महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। साहू का संबंध उत्तर प्रदेश के बरेली से है। इसी आधार पर पुलिस की एक टीम वहां जांच और तलाश के लिए पहुंची थी।
पुलिस टीम ने बरेली में साहू से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें हिरासत में नहीं लिया जा सका।
रिपोर्ट के अनुसार, गिरधारी लाल साहू फिलहाल पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। उनकी तलाश के लिए जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कहां मौजूद हैं और जांच के लिए उनसे संपर्क कैसे स्थापित किया जा सकता है।
दस सदस्यीय एसआईटी कर रही मामले की जांच
कैबिनेट मंत्री की शिकायत के बाद उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच के लिए दस सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की है।
इस टीम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी कर रही हैं। एसआईटी को शिकायत में लगाए गए विभिन्न आरोपों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जांच टीम संबंधित दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य जानकारी का परीक्षण कर रही है।
मामले में कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया गया है। यदि इसे जांच में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तो उसकी प्रामाणिकता का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।
पुलिस जांच का उद्देश्य शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता का पता लगाना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित करना है।
पति पर उत्पीड़न और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनकी शिकायत के अनुसार, साहू ने शादी से पहले अपने पूर्व वैवाहिक संबंधों के बारे में जानकारी छिपाई थी। मंत्री ने उन पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हस्ताक्षरों का कथित रूप से फर्जी इस्तेमाल कर कंपनी से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव किए गए।
मंत्री ने अपने और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश रची जा रही थी।
हालांकि, इन सभी आरोपों की पुलिस जांच जारी है और इन्हें अभी न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
देहरादून के कैंट थाने में दर्ज हुई थी एफआईआर
रेखा आर्या की शिकायत के आधार पर 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शिकायत में शारीरिक उत्पीड़न, धोखाधड़ी, कथित जालसाजी, जातिसूचक अपमान और हत्या की साजिश सहित कई आरोप शामिल हैं।
मंत्री ने शिकायत में बताया कि उनकी शादी वर्ष 2004 में गिरधारी लाल साहू से हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पति के पूर्व वैवाहिक संबंधों की जानकारी मिली।
उन्होंने कई अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस से मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई।
गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने अपनी पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
उन्होंने वीडियो के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। साहू ने रेखा आर्या के खिलाफ भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने मंत्री पर 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
वहीं, रेखा आर्या ने इन आरोपों को निराधार बताया है और किसी भी जांच का सामना करने की बात कही है।
दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों को प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने की खबर
इस मामले में गिरधारी लाल साहू को कानूनी स्तर पर भी झटका लगने की जानकारी सामने आई है।
सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने से आरोपी को गिरफ्तारी से पूर्व मांगी गई न्यायिक राहत नहीं मिली है।
हालांकि, अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने का अर्थ किसी व्यक्ति के दोषी साबित हो जाने से नहीं है। मामले में दोष या निर्दोषता का निर्णय कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगा।
विपक्ष ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
कैबिनेट मंत्री और उनके पति के बीच सामने आए इस विवाद ने उत्तराखंड के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।
कांग्रेस ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच और मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विपक्ष की ओर से कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच कराए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।
मामले में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए जाने के कारण पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्री के बयान और आरोपी की तलाश पर टिकी नजर
फिलहाल एसआईटी के सामने दो महत्वपूर्ण कार्य हैं। पहला, मंत्री रेखा आर्या के विस्तृत बयान दर्ज करना और दूसरा, आरोपी गिरधारी लाल साहू से पूछताछ के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाना।
इसके साथ ही पुलिस को शिकायत में उल्लिखित दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण भी करना होगा।
रेखा आर्या के बयान दर्ज होने के बाद जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं, गिरधारी लाल साहू की तलाश भी जारी है।
अब एसआईटी की जांच रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्य और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।





