उत्तराखंड

SIR अभियान: देहरादून में 5.47 लाख मतदाताओं को मिलेगा व्यक्तिगत नोटिस

Kavita2
29 July 2026 9:55 AM IST
SIR अभियान: देहरादून में 5.47 लाख मतदाताओं को मिलेगा व्यक्तिगत नोटिस
x

देहरादून। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत देहरादून जिले में बड़े स्तर पर मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभियान के अंतर्गत जिले के करीब 5.47 लाख मतदाताओं को घर-घर जाकर व्यक्तिगत नोटिस दिए जाएंगे। ये नोटिस उन मतदाताओं को जारी किए जा रहे हैं, जिनका विवरण वर्ष 2003 और 2026 की मतदाता सूची में समान नहीं पाया गया है या जिनकी जानकारी अधूरी दर्ज है।

निर्वाचन विभाग का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और आवश्यक जानकारी व दस्तावेज जुटाएंगे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मतदाता सूची में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुराने और नए रिकॉर्ड का किया जा रहा मिलान

एसआईआर अभियान के तहत वर्ष 2003 की मतदाता सूची और वर्तमान वर्ष 2026 की सूची के बीच रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। जिन मतदाताओं की जानकारी दोनों सूचियों में समान नहीं मिली है, उन्हें सत्यापन के दायरे में रखा गया है।

निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, कई मतदाताओं के नाम, पते, उम्र या अन्य विवरण में अंतर पाया गया है। इसके अलावा कुछ मतदाताओं की जानकारी अधूरी होने के कारण भी उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी जानकारी सत्यापित करानी होगी।

घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

मतदाता सत्यापन के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और नोटिस उपलब्ध कराएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाना नहीं, बल्कि रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को दूर करना और वास्तविक मतदाताओं की सही जानकारी दर्ज करना है।

मतदाताओं से अपील की गई है कि वे बीएलओ को सहयोग करें और मांगे गए दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि सत्यापन प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।

मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने की कवायद

निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य नए मतदाताओं को जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी को अपडेट करना और रिकॉर्ड में मौजूद गलतियों को सुधारना होता है।

देहरादून जिले में चलाया जा रहा एसआईआर अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आगामी चुनावों में सही और पात्र मतदाता ही मतदान प्रक्रिया का हिस्सा बनें।

मतदाताओं को रखना होगा दस्तावेज तैयार

अधिकारियों के अनुसार, जिन मतदाताओं को नोटिस मिलेगा, उन्हें अपनी पहचान और निवास से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। इसके लिए मतदाताओं को पहले से तैयार रहने की सलाह दी गई है।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करने से मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे भविष्य में मतदान से जुड़ी समस्याओं को भी कम किया जा सकेगा।

राजनीतिक दलों और आम लोगों की भी भूमिका अहम

मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। निर्वाचन विभाग सभी पक्षों से अपील करता है कि वे अभियान में सहयोग करें और यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है तो उसकी जानकारी उपलब्ध कराएं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही मतदाता सूची का होना बेहद जरूरी है। गलत या अपूर्ण जानकारी से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए समय-समय पर सत्यापन आवश्यक है।

समय पर सत्यापन से नहीं होगी परेशानी

देहरादून जिले में लाखों मतदाताओं के सत्यापन की यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन निर्वाचन विभाग इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने और दस्तावेज जमा करने से प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

एसआईआर अभियान के तहत 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब बीएलओ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो गई है। घर-घर सत्यापन के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

Next Story