उत्तराखंड

देहरादून में सिद्धू गैंग का ड्रग नेटवर्क उजागर

Kavita2
24 Sept 2026 9:45 AM IST
देहरादून में सिद्धू गैंग का ड्रग नेटवर्क उजागर
x

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दिल्ली के कथित सिद्धू गैंग के लिए दून में नशीले पदार्थों की सप्लाई करने के आरोप में छह पैडलरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में चार छात्र भी शामिल हैं, जो बीबीए और होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं। आरोपियों के कब्जे से कुल 44.61 ग्राम एमडीएमए बरामद होने की बात कही गई है। पुलिस ने राजपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, देहरादून में युवाओं और छात्रों के बीच सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के संबंध में सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पुलिस को दिल्ली से संचालित कथित ड्रग नेटवर्क के तार देहरादून से जुड़े होने की जानकारी मिली। इसके बाद संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और छह आरोपियों को पकड़ लिया गया।

चार आरोपी निकले छात्र

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार छह आरोपियों में से चार विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें बीबीए और होटल मैनेजमेंट के छात्र शामिल हैं। पढ़ाई के साथ उनके कथित रूप से ड्रग सप्लाई के नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अब उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र इस नेटवर्क से कब और कैसे जुड़े। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वे केवल नशीले पदार्थों की डिलीवरी करते थे या ग्राहकों को तलाशने और नेटवर्क बढ़ाने में भी उनकी कोई भूमिका थी।

44.61 ग्राम एमडीएमए बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 44.61 ग्राम एमडीएमए बरामद करने का दावा किया है। एमडीएमए एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है और एनडीपीएस कानून के तहत नियंत्रित पदार्थों में आता है। बरामद सामग्री को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित किया है।

पुलिस बरामद नशीले पदार्थ के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में इसके तार दिल्ली के कथित सिद्धू गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब दिल्ली में बैठे सप्लायर और देहरादून में सक्रिय स्थानीय संपर्कों के बीच संबंधों की कड़ियां जोड़ रही है।

दिल्ली से दून तक फैला नेटवर्क

पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि दिल्ली से नशीले पदार्थ देहरादून तक किस रास्ते से पहुंचाए जाते थे। आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

आशंका है कि ड्रग तस्करी में अलग-अलग स्तर पर लोग काम कर रहे थे। इनमें मुख्य सप्लायर, स्थानीय पैडलर और ग्राहकों तक नशीला पदार्थ पहुंचाने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि पूरे नेटवर्क की वास्तविक संरचना जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज

मामले में राजपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके मोबाइल फोन, संपर्क और डिजिटल गतिविधियों को भी जांच के दायरे में ले सकती है।

जांच एजेंसी के लिए आरोपियों के मोबाइल से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। कॉल रिकॉर्ड, मैसेजिंग ऐप पर हुई बातचीत और डिजिटल भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड के जरिए सप्लायर तथा ग्राहकों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है।

शिक्षण संस्थानों के आसपास नेटवर्क की जांच

चार छात्रों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की नजर अब शिक्षण संस्थानों और छात्र समुदाय के आसपास सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर भी है। देहरादून में बड़ी संख्या में कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थान हैं, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र पढ़ाई करने आते हैं।

पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी छात्रों के जरिए अन्य युवाओं तक नशीले पदार्थ पहुंचाए जा रहे थे या नहीं। यदि पूछताछ में दूसरे लोगों के नाम सामने आते हैं तो पुलिस उनसे भी पूछताछ कर सकती है।

गैंग के दूसरे सदस्यों की तलाश

छह आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस जांच की शुरुआती कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अब पुलिस का ध्यान कथित सिद्धू गैंग के उन सदस्यों तक पहुंचने पर है जो दिल्ली से ड्रग्स की सप्लाई संचालित कर रहे थे। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली और अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नशीले पदार्थों की खरीद के लिए रकम किस माध्यम से भेजी जाती थी। यदि ऑनलाइन भुगतान या बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ है तो संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच भी नेटवर्क की पहचान में मदद कर सकती है।

युवाओं में सिंथेटिक ड्रग्स बड़ी चुनौती

सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। एमडीएमए जैसे पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इनका गैरकानूनी कारोबार और सेवन एनडीपीएस कानून के तहत दंडनीय है।

देहरादून में छात्रों समेत छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। मामले में अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित सिद्धू गैंग का नेटवर्क देहरादून में कितना फैला था और इसके जरिए किन क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी।

फिलहाल छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और राजपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस दिल्ली से देहरादून तक फैली कथित सप्लाई चेन के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हुई है।

Next Story