
नैनीताल। उत्तराखंड के रामनगर-कालाढूंगी-काठगोदाम-चोरगलिया-सितारगंज-बिज्टी मोटर मार्ग पर रविवार को एक महत्वपूर्ण पुल का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य मार्ग संख्या-41 पर शेर नाला में बने 120 मीटर स्पान डबल लेन आरसीसी प्री-स्ट्रेस कंक्रीट सेतु का उद्घाटन किया। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू-पी परियोजना के तहत तैयार किए गए इस पुल की स्वीकृत लागत 993 लाख रुपये है। लंबे समय से इस मार्ग पर बरसात के दौरान शेर नाला में पानी बढ़ने के कारण यातायात बाधित होने की समस्या सामने आती रही थी। अब नए पुल के बनने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर सड़क और पुलों के निर्माण पर लगातार काम कर रही है। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के बीच मजबूत कनेक्टिविटी विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बरसात में यातायात बाधित होने की समस्या से मिलेगी राहत
रामनगर-कालाढूंगी-काठगोदाम-चोरगलिया-सितारगंज-बिज्टी मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी और पर्यटक आवाजाही करते हैं।
बरसात के मौसम में शेर नाला में पानी का स्तर बढ़ने के कारण कई बार सड़क संपर्क प्रभावित हो जाता था। तेज बहाव के कारण वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ती थी, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
नए पुल के निर्माण से अब इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है। पुल के बनने से किसी भी मौसम में वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने में मदद मिलेगी।
डबल लेन पुल से बढ़ेगी यातायात क्षमता
नवनिर्मित पुल डबल लेन आरसीसी प्री-स्ट्रेस कंक्रीट तकनीक से तैयार किया गया है। इससे एक समय में दोनों दिशाओं से वाहनों का आवागमन आसानी से हो सकेगा।
पहले संकरे मार्ग या अस्थायी व्यवस्था के कारण यातायात प्रभावित होता था। अब आधुनिक तकनीक से बने पुल के कारण भारी वाहनों और अन्य यातायात को भी सुविधा मिलेगी।
यह पुल केवल स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले पर्यटकों और व्यावसायिक वाहनों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
बेहतर सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुल के निर्माण से आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को बाजार, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में आसानी होगी।
सड़क सुविधा बेहतर होने से स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिल सकता है। किसान और छोटे व्यापारी अपने उत्पादों को आसानी से बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।
इसके अलावा पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है। नैनीताल, रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क से पर्यटन क्षेत्र को और मजबूती मिल सकती है।
विश्व बैंक सहायता से पूरा हुआ निर्माण कार्य
यह पुल विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू-पी परियोजना के तहत बनाया गया है। परियोजना के तहत राज्य में सड़क और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।
शेर नाला पर बने इस पुल की स्वीकृत लागत 993 लाख रुपये है। निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखा गया है।
सरकार का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है, जहां प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण यातायात में बाधाएं आती हैं।
मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की प्राथमिकताएं
लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सड़क और पुलों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से राज्य के विकास को नई दिशा मिलती है।
उन्होंने कहा कि सरकार दूरदराज क्षेत्रों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सड़क संपर्क मजबूत होने से लोगों को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में खुशी
शेर नाला पर पुल बनने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से जूझ रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले बारिश के समय नाला उफान पर आने के बाद मार्ग बंद हो जाता था। इससे कई बार जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानी होती थी।
अब पुल बनने के बाद उन्हें सालभर बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग का आभार जताया है।
आपदा के समय भी मददगार होगा पुल
उत्तराखंड में मानसून के दौरान अचानक बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में मजबूत पुल और सड़क नेटवर्क आपदा प्रबंधन के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।
शेर नाला पर बना यह पुल आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा। इससे राहत और बचाव कार्यों में भी आसानी हो सकती है।
भविष्य में और मजबूत होगी कनेक्टिविटी
राज्य सरकार लगातार प्रदेश में सड़क, पुल और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। शेर नाला पर पुल का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रामनगर से लेकर सितारगंज तक के इस मार्ग पर बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में इस क्षेत्र में यातायात और आर्थिक गतिविधियों के और बढ़ने की संभावना है।
120 मीटर लंबे इस पुल के शुरू होने के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि बरसात के दौरान होने वाली परेशानी खत्म होगी और सालभर सुरक्षित एवं सुगम यात्रा की सुविधा उपलब्ध रहेगी।





