उत्तराखंड

किच्छा में सेटेलाइट एम्स निर्माण तेज, कुमाऊं का पहला एम्स बनने की दिशा में बड़ा कदम

Kavita2
4 July 2026 11:58 AM IST
किच्छा में सेटेलाइट एम्स निर्माण तेज, कुमाऊं का पहला एम्स बनने की दिशा में बड़ा कदम
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Uttarakhand उत्तराखंड : कुमाऊं क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित परियोजना सेटेलाइट एम्स का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह एम्स कुमाऊं का पहला एम्स होगा, जिसकी 250 शैय्याओं की क्षमता होगी। इसके शुरू होने के बाद न सिर्फ उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

इस परियोजना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किच्छा में स्थापित करने की घोषणा की गई थी। घोषणा के बाद से ही इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

शुरुआती चरण में इस परियोजना के लिए प्राग फार्म में भूमि प्रस्तावित की गई थी, लेकिन वहां रेलवे लाइन से संबंधित तकनीकी अड़चनें सामने आने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद प्रशासन ने नए सिरे से भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू की।

भूमि चयन के नए चरण में खुरपिया क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ भूमि को चिह्नित किया गया, जहां अब सेटेलाइट एम्स की आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। इस स्थान पर परियोजना का ड्राफ्ट तैयार कर उसे आगे की प्रक्रिया में शामिल किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके। एम्स की स्थापना से क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा और इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की योजना भी बनाई जा रही है। आपातकालीन सेवाओं, ऑपरेशन थिएटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं को इसमें शामिल किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इस एम्स के शुरू होने के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। लंबे समय से बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग कर रहे लोगों को अब अपने ही क्षेत्र में उच्च स्तरीय इलाज मिल सकेगा।

सरकारी स्तर पर इस परियोजना को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके साथ ही यह परियोजना मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

कुल मिलाकर, किच्छा में बन रहा सेटेलाइट एम्स कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य उपलब्धि साबित होने जा रहा है, जो आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए राहत और बेहतर इलाज की सुविधा सुनिश्चित करेगा।

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