
रुद्रपुर: यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार ने कुछ साल पहले रोडवेज बस अड्डे को आईएसबीटी का रूप देने की योजना को मंजूरी दी थी। तब अरमानों ने तो रफ्तार पकड़ी लेकिन इसका निर्माण कार्य कछुआ गति से हो रहा है। नए बस अड्डे का काम पूरा नहीं हो पाया है और पुराने के भवन जर्जर हो गए हैं।
करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बस अड्डा परिसर में आईएसबीटी का निर्माण होना था। वर्ष 2024 में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब तक केवल कार्यशाला भवन ही परिवहन निगम को हस्तांतरित हो सका है। यह भी टाइल्स गिरने, कक्षों के भीतर सीवरेज की लाइन डालने और पानी निकासी की व्यवस्था न होने से विवादों के घेरे में है। यह मामला बीते 20 जनवरी को डिपो के भ्रमण के दौरान परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी के सामने भी उठ चुका है।
नए बस अड्डे के भवन का ढांचा खड़ा कर दिया गया है लेकिन अन्य व्यवस्थाएं मुकम्मल नहीं की गई हैं। आईएसबीटी के तहत शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का काम भी अधूरा है। बस अड्डे के पुराने भवन का लिंटर क्षतिग्रस्त हो गया है। कार्यालय कक्ष की दीवारों पर दरारें पड़ी हैं। कॉलम से सीमेंट गिर रहा है।
आईएसबीटी के निर्माण में बस अड्डा परिसर में किया गया अतिक्रमण बाधक बन रहा है। यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। हाल में परिवहन निगम की एमडी से इस संबंध में मुलाकात की गई थी। एमडी ने अतिक्रमण के साथ ही कार्यदायी संस्था की ढिलाई का संज्ञान लिया है। जल्द इस मामले में कार्रवाई की उम्मीद है। - केएस राणा एआरएम रोडवेज डिपो





