Rudrapur: आशाओं का सैलाब गांधी पार्क में, मांगों के लिए हुआ जोरदार प्रदर्शन

रुद्रपुर: उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले जिले भर की आशाओं ने धरना दिया। उन्होंने न्यूनतम वेतन के साथ ही सभी अस्पतालों में आशा घरों का निर्माण सहित आठ सूत्री ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। साथ ही लगातार बढ़ाए जा रहे काम के बोझ पर आक्रोश जताया।
मंगलवार को गांधी पार्क में आशाओं के धरने को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन ऐक्टू के प्रदेश मंत्री केके बोरा ने कहा कि आशाओं का विभाग में कोई भी सम्मान नहीं है। आशाएं विभाग के सभी अभियानों और सर्वे में बिना किसी न्यूनतम वेतन और कर्मचारी के दर्जे के लगा दी गईं हैं। आशाओं को उनके काम के अनुरूप पैसा मिलना तो दूर वादा किया गया पैसा भी नहीं मिल रहा है।
आशा यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष रीता कश्यप ने कहा कि सरकार को 31 अगस्त 2021 को मासिक मानदेय निर्धारित करने व डीजी हेल्थ के आशाओं को लेकर बनाए गए प्रस्ताव को लागू करते हुए प्रतिमाह 11,500 रुपये का वादा पूरा करना चाहिए।
अनिता अन्ना ने कहा सेवानिवृत्त होने पर सभी आशाओं के लिए एकमुश्त धनराशि व आजीवन अनिवार्य पेंशन का प्रावधान किया जाए। उन्होंने सीएमओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने 2021 में मानदेय का वाद पूरा करने, न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा व सेवानिवृत्त होने पर आशाओं को अनिवार्य पेंशन का प्रस्ताव विधानसभा के इसी सत्र में पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की।
उन्होंने सेवानिवृत्त होने वाली आशाओं को मासिक पेंशन का प्रावधान होने तक सेवानिवृत्ति के समय दस लाख की एकमुश्त धनराशि देने, विभिन्न मदों के रुपये हर महीने देने, ट्रेनिंग के दौरान प्रति दिन 500 रुपये का भुगतान करने आदि की मांग की। वहां पर मंजू देवी, सिमरन, काजल मिस्त्री, बबीता कश्यप, सुधा शर्मा, सुधा गोस्वामी, मंजू चौहान आदि रहीं





