Rudraprayag: जान जोखिम में डालकर आवाजाही, सोनप्रयाग मार्ग पर पुलिया बदहाल

रुद्रप्रयाग: लगातार हो रही बारिश के बीच अब मोटर मार्गों के साथ पैदल रास्तों पर भी खतरा बढ़ गया है। सोनप्रयाग–त्रियुगीनारायण पैदल मार्ग पर घट गधेरे के ऊपर बनी अस्थायी पुलिया के स्तंभ क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुलिया पर लगाए गए लोहे के पट्टों के कभी भी बहने या गिरने की आशंका बनी हुई है,जिससे ग्रामीणों और राहगीरों में भय का माहौल है।
स्थानीय लोग मजबूरी में जान जोखिम में डालकर इसी मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि दो वर्ष पूर्व भारी बारिश और घट गधेरे में आई बाढ़ से यहां बनी सीसी पुलिया बह गई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग उखीमठ ने लोहे के पट्टों के सहारे अस्थायी व्यवस्था कर आवाजाही शुरू कराई थी, लेकिन अब यह व्यवस्था भी जर्जर हो चुकी है।
इस पैदल मार्ग से ग्राम पंचायत त्रियुगीनारायण के किमाना और बगीचा तोक के कई परिवारों का रोजाना आवागमन होता है। पुलिया की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों,स्कूली बच्चों और अन्य यात्रियों को हर दिन खतरे के बीच सफर करना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सेमवाल ने बताया कि शिव-पार्वती विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। बरसात के दौरान मोटर मार्ग बाधित होने पर यही पैदल मार्ग लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनता है। उन्होंने कहा कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीण कई बार विभाग से स्थायी पुल निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि इस मार्ग का उपयोग घोड़ा-खच्चर संचालकों, स्कूली बच्चों, साधु-संतों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से किया जा रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों को लंबा और जोखिम भरा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।
वहीं,लोक निर्माण विभाग उखीमठ के कनिष्ठ अभियंता नीरज रोहिला ने बताया कि पूर्व में पुल निर्माण का एस्टीमेट शासन को भेजा गया था,लेकिन स्वीकृति नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि विभाग जल्द ही मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त पुलिया और स्तंभों का नया एस्टीमेट तैयार करेगा तथा इसे आपदा मद के तहत शासन को भेजा जाएगा, ताकि स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।





