उत्तराखंड

Rishikesh: एनएचएआई को सिक्सलेन और फोरलेन मार्ग बनाने के लिए मुआवजा जारी हुआ

Admindelhi1
19 Jun 2024 10:19 AM IST
Rishikesh: एनएचएआई को सिक्सलेन और फोरलेन मार्ग बनाने के लिए मुआवजा जारी हुआ
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भानियावाला से एयरपोर्ट तक मौजूदा मार्ग को छह लेन का बनाया जाएगा

ऋषिकेश: मुआवजा जारी करने के बाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) जल्द ही भानियावाला-जौलीग्रांट-ऋषिकेश के बीच छह-लेन और चार-लेन सड़क के निर्माण के लिए संबंधित भूमि पर कब्जा करना शुरू कर देगा। भानियावाला से एयरपोर्ट तक मौजूदा मार्ग को छह लेन का बनाया जाएगा। उससे आगे ऋषिकेश तक सड़क फोरलेन होगी।

भानियावाला से ऋषिकेश तक लगभग 21 किमी मार्ग पर कन्हारवाला, रानीपोखरी और बड़कोट के प्रमुख बाजारों और आबादी वाले क्षेत्रों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इसके बाद विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने कब्जे के संबंध में कार्रवाई के लिए 21 जून को एनएचएआई, राजस्व विभाग और संबंधित टीमों को पत्र लिखा है।

भानियावाला से एयरपोर्ट तक पांच किमी सड़क छह लेन बनाने का प्रस्ताव है। वन मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद एयरपोर्ट से ऋषिकेश तक सड़क फोरलेन हो जाएगी। मार्ग के लिए दोबारा टेंडर जारी किए गए हैं। जिसमें भानियावाला-जौलीग्रांट के बीच 2.2 एलिवेटेड रूट को हटा दिया गया है. सिक्सलेन और फोरलेन सड़कों की कुल चौड़ाई 30 मीटर होगी. इसकी एक लेन 3.5 मीटर की होगी. बाकी जगह में डिवाइडर, कच्ची पटरियां, दोनों तरफ नालियां, केबल पोल आदि के लिए जगह होगी। पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

'सभी को मुआवजा मिलने के बाद कब्जा होना चाहिए'

रानीपोखरी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष भूपेन्द्र चौहान ने कहा कि सभी प्रभावितों को मुआवजा आदि देने के बाद ही अतिक्रमण की कार्रवाई की जानी चाहिए। भानियावाला के निवर्तमान पार्षद एवं प्रभावित ईश्वर रौथाण ने कहा कि भानियावाला में प्रभावित करीब सौ लोगों में से आधा दर्जन से अधिक प्रभावितों को रास्ता न होने के कारण सिर्फ निर्माण का ही मुआवजा दिया जा रहा है। सभी को उचित मुआवजा देने के बाद ही कब्जा किया जाए।

भानियावाला से एयरपोर्ट तक छह लेन सड़क बनाई जाएगी और उससे आगे ऋषिकेश तक चार लेन सड़क बनाई जाएगी। कान्हरवाला, रानीपोखरी और बड़कोट आदि में लोगों को मुआवजा दे दिया गया है या जमा कर दिया गया है। अब कब्जे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दांडी से लेकर ऋषिकेश तक के वन क्षेत्र में जल्द ही फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने की उम्मीद है।

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