उत्तराखंड

Adi Kailash और ओम पर्वत यात्रा में रिकॉर्ड भीड़, श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार पार

Kavita2
27 Jun 2026 10:43 AM IST
Adi Kailash और ओम पर्वत यात्रा में रिकॉर्ड भीड़, श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार पार
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Uttarakhand उत्तराखंड : उत्तराखंड में स्थित पवित्र तीर्थ स्थलों आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। पहली बार इन दोनों धार्मिक स्थलों के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार के पार पहुंच चुकी है। प्रशासन के अनुसार यात्रा अभी जारी है और मौसम अनुकूल रहने पर इस बार कुल यात्रियों की संख्या एक लाख के आसपास पहुंच सकती है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक कुल 50,521 श्रद्धालु आदि कैलास और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। बीते वर्ष पूरे यात्रा सत्र के दौरान 36,600 श्रद्धालुओं ने इन पवित्र स्थलों के दर्शन किए थे। इस बार यात्रा शुरू होने के केवल 39 दिनों के भीतर ही पिछले वर्ष के कुल आंकड़े को पार कर लिया गया, जो इस तीर्थ यात्रा के प्रति बढ़ती आस्था और आकर्षण को दर्शाता है।

प्रशासन और यात्रा से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष यात्रा प्रबंधन को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया, स्वास्थ्य जांच, आवास व्यवस्था और मार्गदर्शन प्रणाली को मजबूत किया गया है। इसके अलावा मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा बलों और प्रशासनिक टीमों को भी लगातार तैनात रखा गया है।

यात्रा मार्ग को कठिन हिमालयी क्षेत्र में होने के कारण पहले भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता रहा है, लेकिन इस बार बेहतर समन्वय और व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान मौसम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती है, और इसी कारण समय-समय पर यात्रियों को मौसम अपडेट और सुरक्षा निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

आदि कैलास और ओम पर्वत दोनों ही धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आदि कैलास को भगवान शिव के निवास स्थल के रूप में देखा जाता है, जबकि ओम पर्वत प्राकृतिक रूप से बर्फ पर बने ‘ॐ’ के आकार के कारण विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। इन स्थलों की यात्रा को श्रद्धालु अत्यंत पवित्र और जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर मानते हैं।

इस वर्ष यात्रा में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो कुल श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख के आंकड़े को भी पार कर सकती है। यह अनुमान पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त संसाधनों को भी तैनात किया गया है। चिकित्सा सुविधाएं, आपातकालीन सहायता केंद्र और मार्ग सुरक्षा दल लगातार सक्रिय हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर भी इस यात्रा का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। होटल, परिवहन सेवाएं और स्थानीय व्यवसायों को इससे लाभ हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं, जिससे स्थानीय लोगों की आय में सुधार हुआ है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि इस यात्रा का अनुभव आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक है। कठिन मार्ग और मौसम की चुनौतियों के बावजूद भक्त बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं और दर्शन कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा इस वर्ष एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि धार्मिक पर्यटन के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। प्रशासन का मानना है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो आने वाले दिनों में यह यात्रा एक नया ऐतिहासिक आंकड़ा स्थापित कर सकती है।

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