
उत्तराखंड | उत्तराखंड के एक वन क्षेत्र में वन विभाग की टीम को एक दुर्लभ प्रजाति की बिल्ली — फिशिंग कैट — दिखाई दी, जिसे संरक्षित कर पुनर्वास के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। यह फिशिंग कैट आमतौर पर दलदली और झीलों के आसपास पाई जाती है, लेकिन राज्य के जंगलों में इसका दिखना बेहद असामान्य माना जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह बिल्ली हल्द्वानी के पास स्थित एक वन क्षेत्र में दिखाई दी थी। शुरुआत में ग्रामीणों को यह कोई सामान्य जानवर लगा, लेकिन वन कर्मियों ने निरीक्षण के बाद इसकी पहचान प्रोटेक्टेड फिशिंग कैट (Prionailurus viverrinus) के रूप में की।
जानवर को पकड़ने और शांतिपूर्वक रेस्क्यू करने के लिए एक विशेष टीम तैनात की गई। जांच में पाया गया कि यह मादा फिशिंग कैट है और अच्छी सेहत में है। पुनर्वास केंद्र में इसे सुरक्षित रखा गया है और भविष्य में इसके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की योजना है।
वन विभाग ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया है क्योंकि यह प्रजाति IUCN की रेड लिस्ट में संवेदनशील (Vulnerable) श्रेणी में शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि इससे राज्य की जैव विविधता की समृद्धि का संकेत मिलता है।





