
Dehradun देहरादून : उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 11 से 14 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
आईएमडी के अनुसार, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई क्षेत्रों में अगले चार दिनों के दौरान भारी बारिश हो सकती है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानों के गिरने, अचानक बाढ़ और सड़क मार्ग बाधित होने जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने 11 जुलाई को देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और चंपावत जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सक्रिय रखें। इसके अलावा राहत और बचाव दलों को तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करने और सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
लगातार बारिश का असर राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह सड़कें प्रभावित हुई हैं। थराली क्षेत्र के नारायणबगड़ में कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बह जाने के कारण कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बाधित हुई थी। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मार्ग को बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदल सकता है, इसलिए लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और कमजोर सड़कों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही पर्यटकों को भी मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने को कहा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैयार रखी गई हैं। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि मौसम से जुड़ी घटनाओं की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।





