उत्तराखंड

उत्तराखंड में बारिश का कहर, पौड़ी में मलबे में दबकर मां-बेटे समेत तीन की मौत

Kavita2
19 Aug 2026 9:34 AM IST
उत्तराखंड में बारिश का कहर, पौड़ी में मलबे में दबकर मां-बेटे समेत तीन की मौत
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देहरादून। उत्तराखंड में मॉनसून का कहर लगातार जारी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़क बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। पौड़ी जिले के सतपुली क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें पहाड़ी से आए मलबे के नीचे दबकर मां-बेटे और दो वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा पौड़ी जिले के सतपुली क्षेत्र के द्वारीखाल ब्लॉक के महर गांव में हुआ। मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच पहाड़ी से अचानक मलबा खिसककर एक मकान के ऊपर आ गिरा। मलबे की चपेट में आने से घर के अंदर मौजूद लोग दब गए। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई।

स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक मां-बेटे और दो वर्षीय बच्चे की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना प्रशासन और पुलिस को दी गई, जिसके बाद राहत टीम मौके पर पहुंची।

इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। बारिश के कारण पहले से ही परेशान ग्रामीणों के बीच इस घटना के बाद डर का माहौल है। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

वहीं, केदारनाथ मार्ग पर भी बारिश के चलते एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक महिला की मौत हो गई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम खराब होने का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण देहरादून स्थित जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने वाली सात उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। खराब मौसम के कारण विमानों के संचालन में परेशानी आई, जिसके चलते यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में आज भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, प्रदेश के नौ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

बारिश को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। कई स्थानों पर एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हर साल मानसून के दौरान भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने से जमीन कमजोर हो जाती है, जिसके कारण मलबा गिरने और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। खासतौर पर पहाड़ी मार्गों पर सफर करते समय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह भी दी जा रही है।

इस बीच चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की टीमें लगातार हालात का आकलन कर रही हैं। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है।

उत्तराखंड में मॉनसून की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।

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